डबवाली। भवन निर्माण कामगार यूनियन हरियाणा ने निर्माण मजदूरों और ग्रामीण मेहनतकशों की लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का एलान किया है। यूनियन नेताओं ने कहा कि मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को व्यापक किया जाएगा। 27 सितंबर से 1 अक्तूबर तक हिसार में कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा के कैंप कार्यालय पर पड़ाव डाला जाएगा।
यूनियन के सिरसा जिला सचिव कामरेड नत्थू राम भारुखेड़ा और राज्य महासचिव सुखबीर सिंह ने डबवाली उपमंडल के विभिन्न गांवों में हुई बैठकों में मजदूरों की समस्याएं उठाईं। यूनियन नेताओं ने कहा कि गलत जांच के आधार पर पात्र मजदूरों के पंजीकरण रद्द किए जा रहे हैं। कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी समय पर नहीं मिल रहा। उन्होंने निर्माण मजदूर कल्याण बोर्ड का पोर्टल सुचारू करने और लंबित लाभ जारी करने की मांग की।
नेताओं के अनुसार, वर्ष 2025 में लाभ के लिए आवेदन करने वाले अनेक पात्र मजदूरों को अभी तक योजनाओं का लाभ नहीं मिला है। जांच के नाम पर कई पात्र मजदूरों के पंजीकरण बाधित या रद्द किए गए हैं। पोर्टल बंद रहने के कारण कई मजदूर आवेदन भी नहीं कर पाए। यूनियन ने इसे तकनीकी और विभागीय अव्यवस्था बताते हुए तत्काल समाधान की मांग की।
यूनियन ने मांग की कि निर्माण मजदूर कल्याण बोर्ड की वेबसाइट तत्काल सुचारू की जाए। वर्ष 2025 में लाभ के लिए आवेदन करने वाले पात्र मजदूरों को लंबित लाभ जारी किए जाएं। गलत जांच से रद्द या बाधित किए गए पात्र मजदूरों के पंजीकरण बहाल हों। पोर्टल बंद रहने के कारण आवेदन से वंचित मजदूरों को दोबारा आवेदन का अवसर देने की मांग भी की गई। यूनियन ने पात्रता के आधार पर सभी योजनाओं का लाभ देने की बात कही।
90 दिन के सत्यापन में यूनियनों को शामिल करने की मांग
यूनियन नेताओं ने निर्माण मजदूरों के 90 दिन के कार्य सत्यापन में यूनियनों को शामिल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे मजदूरों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। साथ ही सत्यापन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
मनरेगा में 200 दिन काम, 800 रुपये मजदूरी की मांग
ग्रामीण मजदूरों की समस्याओं को लेकर सभी गांवों में मनरेगा के तहत तत्काल काम शुरू करवाने की मांग की गई। नेताओं ने वर्ष में 200 दिन रोजगार और 800 रुपये प्रतिदिन मजदूरी सुनिश्चित करने की मांग रखी। उनका कहना था कि गांवों में पर्याप्त रोजगार मिलने से मजदूरों का दूसरे क्षेत्रों में पलायन कम होगा।
बैठकों में गंगा, रामपुरा, जांडवाला, अबूबशहर और सुकेराखेड़ा गांवों के मजदूरों से चर्चा की गई। इस दौरान भानीराम, महेंद्र, मांगे राम, पृथ्वी सिंह, हरफूल, जगदीश, सोमनाथ सुकेराखेड़ा, राजेश, विनोद, बारू राम अबूबशहर सहित अन्य मजदूर एवं यूनियन कार्यकर्ता मौजूद रहे।