आयुष विभाग की ओर से लोगों को बीमारियों से बचाने के लिए जड़ी बूटियों से बनी दवाई व योग करवा उन्हें स्वस्थ रखा जाता है। अधिक से अधिक लोगों को योग से जोड़ने और प्रतिदिन योग कक्षाएं लगाने की जानकारी लेने के लिए अब आयुष विभाग ने योग मानक एप लांच की है। इसमें योग सहायकों की तरफ से लगाई जा रही कक्षाओं पर कार्यालय में बैठे अधिकारी भी पूरी निगरानी रख सकेंगे। योग सहायकों की एप के माध्यम से ही हाजिरी लगेगी और उसमें अभ्यास करने के लिए आने वाले ग्रामीणों की भी एंट्री दर्ज होगी।
जिले में आयुष विभाग की ओर से कुल 49 योग साधक तैनात किए गए है। जोकि जिले में 57 गांवों में पहुंचकर लोगों को योग क्रियाएं करवाते हैं। इससे पहले सभी योग साधक ऑफलाइन ही अपनी और योग करने के लिए आने वाले ग्रामीणों की हाजिरी दर्ज करते थे। इसके कारण अधिकारी उन पर निगरानी नहीं रख पा रहे थे। ऐसे में अब विभाग की ओर से एप लांच की गई है। एप के माध्यम से ही अब अधिकारी योग सहायकों पर निगरानी रखेंगे। अगर कोई कोई योग सहायक एप पर अपनी हाजिरी, योग करने के लिए आने वाले लोगों की हाजिरी और योग करवाते हुए फोटो अपलोड नहीं करते तो उसका वेतन काटा जाएगा। वहीं योग सहायकों को एप की ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है। जल्द ही यह प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
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50 योग साधक होना अनिवार्य, माह में 50 ही लगानी होंगी कक्षाएं
योग मानक एप से योग सहायक योशाला में पहुंचकर ही हाजिरी लगा सकेगा। इस पर लॉकेशन आने के बाद ही वह एक्टिव होगी। माह में योग सहायक को 50 कक्षाएं लगानी अनिवार्य है। योग सहायकों की ओर से योग करवाने का समय भी एप पर पहले ही दर्ज करना होगा। अभी योग सहायकों की ओर से सुबह 6 से 8 बजे औ शाम 4 से 6 बजे तक योग कक्षाएं लगाई जाती हैं। इसमें 50 साधक होना अनिवार्य है।
योग मानक एप पर ही अब सभी योग सहायकों की हाजिरी लगेगी। कार्यालय में बैठे अधिकारी भी योग कक्षा की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। अगर कोई योग सहायक एप पर अपनी व साधकों की हाजिरी नहीं लगाता तो वेतन कटने को लेकर भी चेतावनी दी गई है।
-मांगेराम, योगआचार्य, आयुष विंग सिरसा।