फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिरसा में पर्यटन ठहराव : ओटू झील ही एकमात्र आकर्षण, काला तीतर खंडहर में तब्दील

Sat, 24 Jan 2026 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
विज्ञापन
रानियां।  ओटू झील की फोटो। संवाद 
विज्ञापन
पर्यटन को लेकर धार्मिंक स्थलों में दिखता है रुझान
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले में पर्यटन के लिहाज से ओटू झील ही वर्तमान में एकमात्र प्रमुख स्थल बनकर रह गया है। कभी पर्यटकों की पसंद बना काला तीतर पार्क अब खंडहर में तब्दील हो चुका है। आलम यह है कि ओटू झील को लेकर भी लगातार पर्यटकों को रुझान कम हो गया है। अब महज स्थानीय लोग ही इसे देखने को आते हैं।
पर्यटन स्थलों के लिहाज से महज गुरुद्वारा चिल्ला साहिब व चोरमार ही मुख्य रूप से हैँ। हालंकि, कुछ हद तक ताराबाबा कुटिया में भी लोग आते हैं। विशेष रूप से पर्यटन को लेकर प्रबंधन ने कोई ठोस कार्य नहीं किया है। इस कारण पर्यटन का स्तर तेजी से गिर रहा है।
विज्ञापन


सिरसा की ओटू झील, जिसे चौधरी देवी लाल बांध के नाम से भी जाना जाता है, सिरसा से लगभग 12-15 किमी दूर घग्गर नदी पर बना एक प्रमुख पर्यटन स्थल और जल जलाशय है। 1896-97 में निर्मित यह झील, जो कि धनुर झील के नाम से भी जानी जाती थी, न केवल सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि प्रवासी पक्षियों और जैव विविधता के कारण एक शांत पिकनिक स्थल के रूप में लोकप्रिय है। 1200 एकड़ में यह फैली हुई हैं।
काला तीतर का विगत गौरव
डबवाली के अबूबशहर के पास राजस्थान कनाल के साथ बना काला तीतर पार्क कभी सिरसा के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिना जाता था। स्कूल-कॉलेज की यात्राओं और पारिवारिक भ्रमणों के लिए यह प्रमुख आकर्षण था। राजनीतिक गतिविधियां भी बड़े स्तर पर यहां पर होती थी। लेकिन सालों पहले संचालन बंद हो जाने के बाद इसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। अब यह पूरी तरह उपेक्षित और खंडहर में बदल चुका है।
विज्ञापन

ओटू झील का महत्व और चुनौतियां
घग्गर नदी के हैड पर स्थित ओटू झील जिले के पर्यटकों के लिए एकमात्र आकर्षण बन गई है। हालांकि, घग्गर में बाढ़ आने और जलस्तर में बदलाव के कारण झील के सौंदर्य और पर्यटक आकर्षण पर असर पड़ा है। किसानों व आसपास के लोगों की मानें तो कुछ सालों से पर्यटन में गिरावट आई हैं। अब उतना आकर्षण लोगों को ओटू झील को लेकर नहीं रहा है। वहीं, प्रशासन ने भी कोई खास ध्यान नहीं दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें