डेरा सच्चा सौदा स्थित शाह सतनाम जी धाम मे रविवार को आयोजित रूहानी सत्संग में डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां ने 5850 लोगों को गुरुमंत्र, नामशब्द दिया।
‘साथी’ मुहिम के तहत दो निशक्तजनों को ट्राइसाइकिलें दी साथ ही शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग के भलाई फंड से तीन जरूरतमंदों को तीन लाख रुपये के चेक प्रदान किए। सत्संग के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा रूहानियत संबंधित लिखकर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर भी दिए।
इस अवसर पर पहुंचे श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां ने कहा कि ईश्वर का नाम सुखों की खान है और भाग्यशाली हैं वो जीव जो इससे जुड़ जाते हैं। राम नाम से जुडक़र भक्ति इबादत करके बुलंदियों को पाया जा सकता है और उन्हीं के द्वारा मालिक, प्रभु, परमात्मा के दर्श दीदार के काबिल बना जा सकता है। इस मौके पर उन्होंने 5850 लोगों को गुरुमंत्र, नामशब्द दिया। ‘साथी’ मुहिम के तहत दो निशक्तजनों को ट्राईसाइकिलें दी तथा शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग के भलाई फंड से तीन जरूरतमंदों को तीन लाख रुपये के चेक प्रदान किए। उन्होंने कहा कि किसी को भी दुख दर्द तकलीफ में तडफ़ता देखकर उसमें शामिल होना और उसे दूर करना इसी का नाम इंसानियत है।
हमेशा इंसानियत को बुलंद रखों, ताकि शैतानियत खत्म होती जाए तभी इस धरा में स्वर्ग जन्नत से बढक़र नजारे ले सकते हो। उन्होंने कहा कि राम का नाम जपें तभी आप विचारों पर काबू पर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इंसान कभी विचार शून्य नहीं होता, अगर कभी मन में बुरे विचार आते हैं तो उन पर अमल न करें , बल्कि उनका डटकर मुकाबला करते हुए कुछ मिनट सुमिरन करें। उन्होंने कहा कि सच्ची भावना और दृढ़ यकीन से राम का नाम जपा जाए तो विचारों का शुद्धिकरण होगा और मालिक की दया के काबिल भी बना जा सकता है। अगर ईश्वर के नाम का सुमिरन करें तो अंतकरण की मैल धुलती जाएगी तथा जिस काम धंधे में लगे हुए हैं, उसमें भी मन लगेगा। गम दर्द चिंता से मुक्ति मिलेगी।
उन्होंनें कहा कि ईश्वर का नाम सभी रोगों का मुक्कमल इलाज है, सच्ची भावना से जाप करें तभी प्रभु मिलते हैं। उन्होंने कहा कि नियम बना लो कि रोजाना सुबह शाम सुमिरन करना है। सुमिरन के पक्के बनेंगे चाहे दुख आए , चाहे सुख आए। सुबह जल्दी उठो और 15 मिनट से लेकर एक घंटा तक सुमिरन जरूर किया करो। नाश्ता आदि लेते हैं तो धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा का नारा लगाओ। घर में महिलाएं खाना बनाती हैं तो सुमिरन करके खाना बनाएं, इससे काम धंधे में भी फायदा होगा और घर की परेशानियां भी दूर होगी।
खाना खाते व बनाते समय ईश्वर से लीव जोडक़र रखो। विचारों के शुद्धिकरण के लिए सेवा सुमिरन का नियम बनाओ। किसी की बातों में न आओ। महीने में चार दिन यानि सप्ताह में एक बार सेवा अवश्य करों तथा बाल बच्चों के लिए 24 घंटों में से दो घंटे अवश्य निकालें, जिंदगी का तालमेल बैठा लोगे तो सुख शांति में जिंदगी व्यतीत करते हुए मालिक के नजारे पाओगे।
सत्संग के दौरान पूज्य गुरुजी ने ‘साथी’ मुहिम के तहत जगमेल ङ्क्षसह पुत्र जीत सिंह निवासी बुरजसेमा, ब्लाक मौड मंडी, बठिंडा को तथा भुवनेश्वर पुत्र कंगालु निवासी सिरसा को ट्राई साइकिलें प्रदान की। उन्होंने शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग के भलाई फंड में से मनदीप कौर पत्नी निहाल सिंह ब्लाक बुढलाडा तथा रतिया निवासी पिंकी पत्नी सूरज प्रकाश को कैंसर के इलाज के लिए एक एक लाख तथा कर्मजीत कौर विधवा सतपाल इंसां निवासी कल्याणनगर सिरसा को बच्चों के पालन पोषण के लिए एक लाख रुपये का चेक सौंपा।
जाति और धर्म के नाम पर न हो आरक्षण:डेरा प्रमुख
आरक्षण के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि ईश्वर रहमत करे तथा प्रार्थना करते हैं कि मालिक शांति बनाए। उन्होंने कहा कि आपसी भाईचारे से बढक़र दुनियां में कोई चीज नहीं होती।
उन्होंनें कहा कि आरक्षण के बारे में उनकी निजी राय यह है कि पूरे देश में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोग हैं, आरक्षण उनके लिए हो। कोई जाति पाति या धर्म के नाम पर नहीं होना चाहिए , ताकि वो जो पढ़ नहीं पाते या दीए की लौ में पढ़ रहें हैं, उनको मिलना चाहिए। आर्थिक तौर पर बेहद कमजोर लोगों को इसका लाभ मिलना चाहिए। बाकी समाज जाने या राजनीतिज्ञ लोग, फकीरी नजरिए से यह उनकी राय है।