ऐलनाबाद। रेलवे प्रशासन द्वारा ऐलनाबाद रेलवे स्टेशन परिसर में ''नो पार्किंग'' नियम लागू करने के बाद से यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। स्टेशन परिसर में वाहन खड़ा करने पर रेलवे पुलिस चालान काट रही है, जिससे यात्रियों, विशेषकर बुजुर्गों, दिव्यांगों, गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों को खासी दिक्कतें आ रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब ड्यूटी पर तैनात रेलवे पुलिसकर्मियों से वैकल्पिक पार्किंग स्थल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया कि हमें नहीं पता, स्टेशन मास्टर से पूछिए। स्टेशन अधीक्षक कमलेश कुमार स्वामी ने बीकानेर मंडल कार्यालय से संपर्क करने की सलाह देकर जिम्मेदारी से किनारा कर लिया। ऐसे में यात्रियों के सामने वाहन खड़ा करने को लेकर अनिश्चितता और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
इस मुद्दे को लेकर रेल संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं व स्थानीय नागरिकों ने वीरवार को स्टेशन अधीक्षक से मुलाकात की और स्थायी पार्किंग व्यवस्था की मांग को लेकर चर्चा की। हालांकि अधीक्षक कोई लिखित आदेश नहीं दिखा सके और न ही कोई संतोषजनक जवाब दे पाए। आपसी सहमति के बाद तय हुआ कि जब तक स्थायी पार्किंग व्यवस्था लागू नहीं होती, तब तक रेल के आगमन से 15 मिनट पहले और प्रस्थान के 15 मिनट बाद तक कोई भी पुलिसकर्मी वाहन चालकों को नहीं रोकेगा। समिति जल्द ही स्टेशन अधीक्षक को ज्ञापन सौंपेगी, जिसे वे उच्चाधिकारियों तक पहुंचाएंगे।
बुजुर्गों व दिव्यांगों के लिए आफत
स्थानीय नागरिकों ने रेलवे प्रबंधन के इस निर्णय को तुगलकी फरमान करार देते हुए कहा कि यह फैसला जनसुविधा के विरुद्ध है। बुजुर्ग, बीमार, गर्भवती और दिव्यांग यात्रियों को अक्सर स्टेशन गेट के पास वाहन खड़ा कर सामान लाना पड़ता है, लेकिन चालान के डर से उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस मौके पर रेल संघर्ष समिति के नरेंद्र, महेश धानुका, एमपी तंवर, यशपाल, नवीन शर्मा, रिंकू रखडा, पार्षद संदीप घोड़ेला व पार्षद पवन जाजू, योगगुरु हेमराज सपरा, सुभाष चौहान, पर्वतारोही चंद माही, भजनलाल गर्ग, रामनिवास मौजूद रहे।
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स्टेशन परिसर में पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। यात्री अपने वाहन सड़क पर खड़े करके पैदल स्टेशन आएं। पार्किग के बारे में उन्होंने बीकानेर कार्यालय से संपर्क करने की सलाह दी। -
धर्मपाल गोदारा, रेलवे स्टेशन अधीक्षक, ऐलनाबाद