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कर्ज नहीं चुकाने पर वृद्ध किसान को डेढ़ वर्ष की कैद

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चेक डिसऑनर मामले में अदालत ने क्षेत्र के गांव लक्कडांवाली निवासी 74 वर्षीय किसान को डेढ़ वर्ष कैद की सजा सुनाते हुए एक लाख 49 हजार 802 रुपये जमा कराने के आदेश दिए हैं। गांव लक्कड़ांवाली निवासी किसान हकीक सिंह ने साल 2008 में कृषि यंत्र खरीदने के लिए द सिरसा प्राइमरी को ऑपरेटिव एग्रीकल्चर रूरल डेवलपमेंट बैंक शाखा कालांवाली से 90 हजार रुपये का लोन लिया था। समय पर लोन अदा न करने की सूरत में 31 मार्च 2011 तक ब्याज सहित रकम एक लाख 23 हजार 346 रुपये हो गई।
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किसान ने 20 सितंबर 2011 को लोन की रकम चुकाने के लिये द सिरसा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड सिरसा शाखा कालांवाली के नाम 74 हजार 901 रुपये का चेक दे दिया लेकिन बैंक में चेक बाउंस हो गया। 13 अक्तूबर 2011 को बैंक ने किसान हकीक सिंह को लीगल नोटिस जारी करके ब्याज सहित लोन की रकम भरने के लिए कहा लेकिन किसान ने रकम नहीं भरी। 26 नवंबर 2011 को बैंक उपरोक्त मामले को अदालत में ले गया। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने तथा गवाहों के बयानों के बाद सोमवार को फैसला सुनाते हुए किसान को डेढ़ वर्ष कैद की सजा सुनाई। साथ में संबंधित किसान को उपरोक्त चेक की दोगुनी रकम एक लाख 49 हजार 802 रुपये बैंक को देने के आदेश दिए हैं।
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