संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। पंजाब के सरदूलगढ़ से सिरसा नेशनल हाईवे 703 पर हरियाणा के बॉर्डर क्षेत्र में सड़क पर हुए गड्ढे आमजन व वाहनों चालकों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। किसान आंदोलन के दौरान इस सड़क पर मुसाहिब वाला के पास हरियाणा पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी। इस दौरान सड़क को उखाड़ दिया गया था। अब स्थिति यह है कि एक साल बीत जाने के बाद भी आजतक प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है।
सड़क को तोड़कर उसी प्रकार छोड़ दिया गया है। ऐसे में हर रोज हरियाणा से पंजाब और पंजाब से हरियाणा आने वाले सैकड़ों वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।दोनों राज्यों को जोड़ने वाली यह सड़क बेहद अहम है। कई बार इन गड्ढों के कारण रात के समय वाहन खराब हो चुके हैं। वहीं दुपहिया वाहन चालक हादसों का शिकार हो गए हैं। इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने प्रशासन से इस सड़क को दुरुस्त करवाने की मांग की है। लेकिन एक साल से कोई सुनवाई नहीं हुई है। वहीं, पुलिस प्रशासन ने भी किसान आंदोलन खत्म होने के बाद सड़क को ऐसे ही छोड़ दिया। संबंधित विभाग से दुरुस्त करवाने की कोई जहमत नहीं उठाई।
इस सड़क पर दोनों ओर रहने वाले कुलविंदर सिंह, गुरजीत सिंह, संदीप सिंह, मेवा राम, बलविंदर आदि का कहना है कि मुसाहिबवाला बॉर्डर पर किसान आंदोलन के दौरान उखाड़ी सड़क में अब डेढ़ फुट तक गहरे गड्ढे बन चुके हैं। लोक निर्माण विभाग से कई बार शिकायत की गई, लेकिन इस समस्या का समाधान करने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं, वाहन चालकों और किसानों ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। कई बार लोग हादसों का शिकार हो चुके हैं। वाहन चालकों को गंभीर चोटें भी लग चुकी हैं।
कोट्स
हमारे पास यह सड़क नहीं आती है। यह नेशनल हाईवे के अंतर्गत आती है। इसको लेकर नेशनल हाईवे के अधिकारियों को पत्र भेजना होगा। तभी सड़क को दुरुस्त करवाया जा सकता है। हमारी होती तो हम दुरुस्त कर देते।
-कमलदीप सिंह राणा, एक्सईएन, बीएंडआर