संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गांव झोरड़नाली निवासी किसान मुकेश कंबोज ने भूजल स्तर में गिरावट और परंपरागत खेती की बढ़ती लागत को देखते हुए कृषि के नए विकल्प तलाशे। अक्तूबर 2021 में उन्होंने धान-गेहूं आधारित खेती से हटकर सब्जी उत्पादन शुरू किया।
धीरे-धीरे उन्होंने गुणवत्तापूर्ण सब्जी पौध नर्सरी को एक कृषि उद्यम का रूप दे दिया। आज उनकी नर्सरी में सालाना करीब 8 से 10 लाख पौधे तैयार किए जा रहे हैं। उनकी इस पहल से स्थानीय महिलाओं को भी रोजगार मिल रहा है।
मुकेश कंबोज के अनुसार, उनके क्षेत्र में भूजल स्तर 120 से 180 फुट तक नीचे चला गया है। धान और गेहूं की खेती में बढ़ती लागत, मिट्टी की गुणवत्ता में गिरावट जैसी समस्याएं भी किसानों के सामने थीं।
इन्हीं परिस्थितियों के कारण उन्होंने पारंपरिक फसल चक्र से आगे बढ़कर सब्जी उत्पादन और पौध नर्सरी की दिशा में कदम बढ़ाया। अक्तूबर 2021 में मुकेश ने एक से दो एकड़ में विभिन्न सब्जियों की खेती शुरू की।
शुरुआती दो वर्षों में उन्होंने किसानों को सब्जी उत्पादन की संभावनाओं से परिचित कराया। सफल सब्जी उत्पादन के लिए गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री की आवश्यकता महसूस हुई।
किसानों को अच्छी पौध उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उन्होंने प्याज और लहसुन की पौध तैयार करने से नर्सरी की शुरुआत की। बाद में टमाटर, मिर्च, शिमला मिर्च सहित अन्य सब्जियों की पौध भी तैयार करनी शुरू कर दी।
नर्सरी को आधुनिक रूप देने के लिए मुकेश ने वर्ष 2022 में हरियाणा बागवानी विभाग की संरक्षित खेती योजना के तहत नेट हाउस स्थापित किया। नेट हाउस पर करीब 4.25 लाख रुपये खर्च हुए जिस पर विभाग से 75 प्रतिशत अनुदान मिला।
नर्सरी में सूक्ष्म फव्वारा सिंचाई पद्धति, सब्जियों में टपका सिंचाई और विभिन्न उपकरणों पर अब तक करीब 20 लाख रुपये का अतिरिक्त निवेश किया गया है। पौध तैयार करने के लिए प्रो-ट्रे और मिट्टी रहित कोकोपीट मिश्रण का इस्तेमाल किया जा रहा है।