किसानों के लिए सिंचाई तथा ग्रामीण आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है पुल
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। डिंग मंडी से पतली डाबर की ओर जाने वाले मार्ग पर मोचीवाली माइनर पर नये पुल का निर्माण कार्य पिछले एक सप्ताह से तेजी से चल रहा है। यह मार्ग आगे चलकर एनएच-9 से जुड़ता है। यह किसानों के लिए सिंचाई तथा ग्रामीण आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।
सिंचाई विभाग की ओर से इस निर्माण के कारण भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। छोटे वाहन और दोपहिया चालकों के लिए मार्ग के साइड में अस्थायी रास्ता बनाया गया है, जिससे लोगों की आवाजाही सुचारु बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले पुल में सीमेंट के मोगे लगाए गए थे, जिनसे पानी का प्रवाह कई बार बाधित हो जाता था। मोगों में कचरा और घास-फूस जमा होने से पानी खेतों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाता था। इससे मोचीवाली, कुकरथाना व जोधकां क्षेत्रों के किसानों को सिंचाई में परेशानी होती थी। अब सिंचाई विभाग की ओर से मजबूत कंक्रीट का पुल बनाया जा रहा है। इससे पानी का प्रवाह बेहतर होगा और सिंचाई सुचारु रूप से चल सकेगी।
वर्ष 2015 में हुई थी घोषणा
इस मोचीवाली माइनर का निर्माण वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने घोषित किया था। माइनर का निर्माण 2025 में पूरा हुआ और अब पुल को मजबूत बनाकर पानी के बहाव में किसी भी प्रकार की बाधा को दूर किया जा रहा है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। रोड के दोनों ओर भारी वाहनों के लिए चेतावनी संकेतक लगाए गए हैं। निर्माण पूर्ण होने के बाद मार्ग पर आवागमन आसान हो जाएगा और पानी खेतों तक बिना रुके पहुंचेगा।
सिंचाई विभाग का कहना है कि पुल निर्माण के बाद पानी का प्रवाह सुचारु रूप से होगा और किसान खेतों को पर्याप्त पानी प्राप्त कर सकेंगे। विभाग के प्रयासों से आने वाले समय में यह क्षेत्र सिंचाई और आवागमन की दृष्टि से और अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बन जाएगा।
कोटस
माइनर बनने से पहले ही इलाके के किसानों में काफी उम्मीद थी। अब पुल मजबूत होने से सिंचाई बेहतर होगी और फसलों की देखभाल में कोई कठिनाई नहीं आएगी। पहले मोगों के कारण खेतों में पानी पूरा नहीं पहुंच पाता था। अब यह समस्या नहीं रहेगी।
-बीरबल किसान, मोचीवाली
माइनर बनने से पहले ही इलाके के किसानों को काफी उम्मीद थी। अब पुल को भी मजबूत बनाया जा रहा है। इससे पानी का बहाव बेहतर होगा और फसलों की सिंचाई में दिक्कत नहीं आएगी।
-राजेश जांगड़ा, किसान, मोचीवाली
कभी-कभी मोगों में घास-फूस और कचरा जमा होने से पानी रुक जाता था, जिससे खेत सूखे रह जाते थे। कंक्रीट का पुल बनने के बाद यह समस्या खत्म हो जाएगी और दूर तक के खेतों को भी पूरा पानी मिल सकेगा।
-राजेराम, ग्रामीण मोचीवाली