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Sirsa News: नए शिक्षा सत्र के शुरू होने के 12 दिन बाद भी नहीं है बाजारों में एनसीईआरटी की पुस्तकें, विभाग को भेजी शिकायत

Fri, 12 Apr 2024 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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दुकान पर पुस्तकें खरीदतें अभिभावक और विद्यार्थी।
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सिरसा। जिले में नए शिक्षा सत्र को शुरू हुए 12 दिन हो चुके है, लेकिन अभी तक बाजारों में एनसीईआरटी की पुस्तकें नहीं आई है। जिसकी शिकायत लेकर अभिभावक एसोसिएशन के पास पहुंच रहे हैं। ऐसे में एसोसिएशन ने बाजारों में एनसीईआरटी की पुस्तकें न होने की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित रूप में दी है।
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जिले में करीब 250 से ज्यादा निजी स्कूल सीबीएसई से संबंधित है। जिसमें करीब डेढ़ से दो लाख विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। शिक्षण सत्र 2024-25 एक अप्रैल से शुरू हो चुका है। वहीं विद्यार्थी भी कक्षाओं में आने लगे हैं। नए सत्र शुरू हुए 12 दिन हो चुके हैं। इन बारह दिनों में भी बाजारों में एनसीईआरटी की पुस्तकें नहीं पहुंची हैं। जिसके कारण अभिभावक एक दुकान से दूसरी दुकान पर भटक रहे हैं।
निजी प्रकाशकों की सूची थमा रहे निजी स्कूल संचालक
बाजारों में एनसीईआरटी की पुस्तकें न होने पर अभिभावकों को एक से दूसरी दुकानों पर भटकना पड़ रहा है। वहीं स्कूलों से बात करने पर स्कूल संचालक निजी प्रकाशकों की पुस्तकों की सूची अभिभावकों को थमा रहे हैं। अभिभावक रमा, कुलदीप, विपिन कुमार व संतोष रानी ने बताया कि उनके बच्चे निजी स्कूल में पढ़ते हैं। बच्चों के लिए एनसीईआरटी की पुस्तकों को लेने के लिए आए हैं, लेकिन बाजार में कहीं भी पुस्तकें नहीं मिल रही है। जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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एसोसिएशन ने की शिकायत
जिले की अभिभावक एसोसिएशन की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी को इस बारे में लिखित में शिकायत दी गई है। शिकायत में एसोसिएशन ने बताया कि उनके पास प्रतिदिन 10 से 15 शिकायतें आ रही हैं। जिसमें अभिभावक बता रहे हैं कि निजी स्कूलों की ओर से एनसीईआरटी की पुस्तकें लगवाई ही नहीं जा रही। वहीं जिनके द्वारा लगाई गई हैं उनकी बाजारों में पुस्तकें ही नहीं मिल रही। जिसके चलते स्कूल संचालक निजी प्रकाशकों की पुस्तकों की सूची थमा देते हैं। जो कि कुछ चुनिंदा दुकानों पर ही मिलती हैं।
बुक डिपो संचालकों का कहना एक से दो हफ्ते में पहुंच सकती हैं पुस्तकें
शहर के अधिकतर रिटेलर एक-दो दिन या अगले हफ्ते में किताबों के पहुंचने की बात कह रहे हैं। बुक डिपो संचालक संजय मेहता ने बताया कि दुकानों में एनसीईआरटी की किताबें नहीं हैं। वहीं अभिभावकों का कहना है कि अगर अभी वह कहीं से पुरानी किताबों को कम दामों में खरीद लेते हैं तो उन्हें परेशानी हो सकती है। सीबीएसई की ओर से इस साल सिलेबस में कुछ बदलाव किया गया है। ऐसे में नई किताबें बदले हुए सिलेबस की आने की संभावना ज्यादा है। संचालक ने बताया कि सत्र शुरू होने से कुछ दिन पहले ही सिलेबस में बदलाव करने का मैसेज जारी कर दिया था। इस कारण एनसीईआरटी की तरफ से किताबों को नहीं छपवाया गया है। जिसके कारण पुस्तकें नहीं पहुंची है। एक या दो हफ्ते पुस्तकें आने की संभावना हैं।

निजी स्कूलों द्वारा एनसीईआरटी की पुस्तकों को न लगवाने की शिकायतें आ रही हैं। वहीं बाजार में इस समय पुस्तकें भी नहीं है। जिसके कारण अभिभावकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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-सौरभ मेहता, प्रधान, अभिभावक एसोसिएशन हरियाणा।
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