सिरसा। 88.970 किलोग्राम अफीम बरामदगी मामले में जांच अधिकारी एएसआई रणबीर सिंह के स्वयं नशा तस्करी में संलिप्त पाए जाने के बाद सिरसा पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में सोमवार को नया मोड़ तब आया जब नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो चंडीगढ़ ने इस प्रकरण की जांच अपने हाथ में लेने से पीछे हटते हुए अदालत में दायर अपनी याचिका वापस ले ली। दूसरी ओर, आरोपी एएसआई रणबीर सिंह को अदालत ने तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
रणबीर सिंह के खिलाफ कर्तव्य में लापरवाही, भ्रष्टाचार व मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित धाराओं के तहत सिविल लाइन थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। रिमांड अवधि के दौरान उससे तस्करी नेटवर्क व संभावित सहयोगियों के संबंध में गहन पूछताछ की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक हिसार जिले के गांव दाहिमा निवासी रणबीर सिंह पहले हांसी में तैनात था। वहां उसका रिकॉर्ड संतोषजनक नहीं होने के कारण उसका तबादला सिरसा कर दिया गया था। करीब दो माह पहले उसकी नियुक्ति डिंग थाना में हुई थी।
10 जून को डिंग थाना पुलिस ने राजस्थान एनसीबी के सहयोग से एनएच-9 पर भावदीन के पास एक ट्रक से 88 किलो 970 ग्राम अफीम बरामद की थी। इस मामले में ट्रक चालक किशना राम निवासी पाली राजस्थान, ट्रक मालिक गगनदीप व अन्य आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। मामले की जांच एएसआई रणबीर सिंह को सौंपी गई थी। 11 जून को रणबीर सिंह बरामद 95 पैकेट अफीम लेकर अदालत पहुंचा, जहां न्यायालय की निगरानी में 190 सैंपल तैयार किए गए।
सूत्रों के अनुसार इसी दौरान उसने अपने परिचित शमशेर सिंह निवासी फतेहाबाद को कुछ मात्रा में अफीम उपलब्ध कराई। बाद में फतेहाबाद की एंटी नारकोटिक्स सेल ने शमशेर सिंह को भट्टू थाना क्षेत्र में अफीम सहित गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह ये अफीम एएसआई रणबीर सिंह से लेकर आया था। इसके बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। संवाद
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उच्च स्तर पर जांच होनी जरूरी
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने प्राथमिकी में जितनी मात्रा में अफीम की बरामदगी दिखाई। कोर्ट के समक्ष सैंपल तैयार करके उसका वजन किया गया। इसके बाद 88 किलो 970 ग्राम अफीम का वजन कर उसे सील करके मालखाना में भेज दिया गया। इससे पता चलता है कि पुलिस ने 88 किलो 970 ग्राम से ज्यादा अफीम ट्रक से बरामद की थी, लेकिन कागजों में 88 किलो 970 ग्राम दिखाई गई। सूत्रों के अनुसार इस मामले की जांच उच्च स्तर पर होनी चाहिए। ताकि सच्चाई सामने आ सके कि पुलिस ने असल में कितनी मात्रा में अफीम बरामद की थी।
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मालाखाना इंचार्ज महिला को बेचता था नशीले पदार्थ
बता दें कि इस मामले से पहले नवंबर 2025 में पुलिस के मालखाने से नशीले पदार्थ बेचे जाने का खुलासा हुआ था। जिससे सिरसा पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी। उस समय पुलिस ने मालाखाना पूर्व प्रभारी कुलदीप कुमार को गिरफ्तार कर लिया। एसआईटी ने उक्त मामले की जांच की तो पता चला कि आरोपी कुलदीप कुमार मालखाने में रखे नशीले पदार्थों की सप्लाई प्रेम नगर निवासी परमजीत कौर को करता था। परमजीत कौर कुलदीप से नशीले पदार्थ खरीदकर ज्योति नामक महिला को सप्लाई करती थी। तीनों आरोपियों पर सिविल लाइन थाना में प्राथमिकी दर्ज है।
डिंग थाना प्रभारी का सदर में किया तबादला
वहीं, एसपी दीपक सहारन ने डिंग थाना प्रभारी देवेंद्र का तबादला सदर थाना सिरसा में कर दिया है। उनकी जगह डबवाली से सिरसा आए एसआई जयदेव को डिंग थाना का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।
कोर्ट परिसर के सीसीटीवी कैमरे खंगालेगी पुलिस
जांच के दौरान पुलिस कोर्ट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की वीडियो फुटेज खंगालेगी। जिससे पता चलेगा किया किस समय अफीम आरोपी शमशेर को दी गई। बता दें कि कोर्ट परिसर व परिसर के बाहर चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। जिसमें हर आने-जाने वाले की सारी गतिविधि कैद हो जाती है।