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मारुति पार्क विवाद : नगर परिषद ने एचएसवीपी को लिखा पत्र, कार्रवाई की मांग तेज

Sun, 05 Apr 2026 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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 ग्रीन बेल्ट मे ंशेड बनाकर संस्था द्वारा किया गया कब्जा। संवाद 
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- स्वयं कार्रवाई न करके नगर परिषद ने एचएसवीपी से की मांग
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- पेड़ काटने से लेकर लोगों के साथ संस्था के अभद्र व्यवहार करने का सामने आया था मामला

- नगर परिषद को संभालने के लिए एचएसवीपी ने दिए हुए हैं पार्क और ग्रीन बेल्ट
- पार्कों पर कब्जे से लेकर अतिक्रमण बड़े स्तर पर है जारी, नगर परिषद की चुप्पी दे रही अतिक्रमण को बढ़ावा



फोटो 30


संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा । शहर में मारुति पार्क में संस्था के सदस्यों के पेड़ काटने और बदसलूकी करने मामले में नगर परिषद ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) को पत्र भेजकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। परिषद ने स्वयं कोई सख्त कदम उठाने के बजाय संबंधित विभाग से कार्रवाई करने का आग्रह किया है। देखना यह है कि एचएसवीपी विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है।


दरअसल, मारुति पार्क में पेड़ काटने और वहां मौजूद लोगों के साथ एक संस्था की ओर से कथित अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया था। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने नगर परिषद प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की। उपायुक्त शांतनु शर्मा से भी लोगों व पार्षदों ने मुलाकात कर सारी बात रखी थी। वहीं, इस मामले में नगर परिषद ने सीधे हस्तक्षेप करने के बजाय एचएसवीपी को पत्र लिखकर जिम्मेदारी उनके पाले में डाल दी।
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नगर परिषद की अव्यवस्था पड़ रही पार्कों व ग्रीन बेल्ट पर भारी

शहर के कई पार्क और ग्रीन बेल्ट एचएसवीपी ने नगर परिषद को देखरेख के लिए सौंपे हैं। ऐसे में इन सभी की सुरक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी परिषद की भी बनती है। मगर, नगर परिषद ने जनता भवन रोड पर बनी ग्रीन बेल्ट व पार्कों पर कब्जे और अतिक्रमण करवा दिए हैं। आलम यह है कि चेयरमैन तक जनता भवन रोड पर सड़क निर्माण के लिए जाते हैं लेकिन उन्हें भी ग्रीन बेल्ट पर स्थायी तौर पर शेड लगाकर किया गया अतिक्रमण नजर नहीं आता है। इतना ही नहीं, जेई से लेकर अन्य अधिकारी इसी रोड से गुजरते हैं, उन्हें भी यह दिखाई नहीं देता है। इसी कारण शहर में धार्मिक संस्थाओं की आड़ में ग्रीन बेल्टों व पार्कों में अतिक्रमण बढ़ गया है।
पार्षद व लोगों ने संस्था का गोदनामा निरस्त करने की मांग की
पार्षद अनु मल्होत्रा व स्थानीय लोगों ने मारुति पार्क की देखरेख करने वाली संस्था के अनुबंध को रद्द करने की मांग की थी। इसके बाद भी कोई ठोस कार्रवाई इस दिशा में नहीं की गई। यहां तक कि संस्था को शहर के अन्य पार्क भी गोद दिए हुए हैं। इनमें भी ठेकेदार संस्था के लोगों के व्यवहार से तंग आकर अपना काम अधर में छोड़ चुके हैं। लाखों रुपये के टेंडर होने के बाद भी काम करना पसंद नहीं करते हैं।
तुरंत नहीं करवाते हैं अवगत, बाद में विवाद बढ़ने पर पल्ला झाड़ लेते हैं
एचएसवीपी अधिकारियों की मानें तो नगर परिषद पार्क और ग्रीन बेल्ट को लेकर शुरुआती दौर में अवगत नहीं करवाया था। जब स्थायी कब्जा हो जाता है या मामला कुछ दिनों पुराना हो जाता है। उसके बाद एचएसवीपी को सूचित करता है। यदि समय रहते ही अवगत करवा दें तो ठोस कार्रवाई सुनिश्चित हो जाती।
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कोट्स
मारुति पार्क को लेकर कोई पत्र अब तक उनके पास नहीं है। स्टेट ऑफिसर को भेजा गया है तो वे इस संबंध में जानकारी प्राप्त कर लेंगे। संस्था को लेकर नगर परिषद को अपने स्तर पर कार्रवाई करनी चाहिए। पेड़ काटने पर कार्रवाई जरूर होगी।
-भूपेंद्र सिंह, जेई, एचएसवीपी
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