नगर परिषद की चेयरपर्सन शीला सहगल और उनके सहायक संजय गांधी के खिलाफ परिषद परिसर में ठेेकेदारों ने अपना धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया है। ठेकेदारों का कहना है कि वे अब कोर्ट के जरिए अपनी लड़ाई लड़ेंगे।
गौरतलब है कि गत 10 दिनों से ठेकेदार अपना कारोबार बंद कर धरने पर बैठे हुए थे। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने नप परिसर में आकर ठेकेदारों से बात करना भी उचित नहीं समझा। इसी के चलते अब ठेकेदारों ने बैठक कर यह निर्णय लिया है कि अब यह लड़ाई कोर्ट में लड़ी जाएगी।
ठेकेदार विजय झूंथरा ने कहा कि इस शांतिप्रिय लड़ाई से ठेकेदारों ने एकता का परिचय दिया है। धरने के दौरान बनी छह सदस्यीय कमेटी के प्रधान विजय झूंथरा, उप प्रधान दलीप, सचिव पवन, अजीत भादू, उमेश, कोषाध्यक्ष कैंडी जैन ठेकेदारों के हक की लड़ाई लड़ेंगे और कमेटी ठेकेदारों से अन्याय किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। ठेकेदार दलीप ने बताया कि उनकी फर्म के नाम टेंडर 12 जनवरी को अलॉट हुआ था। जोकि 31 जनवरी को रद्द हुआ है, जिससे भ्रष्टाचार स्पष्ट होता है। दलीप ने बताया कि वे भी इस मामले में न्याय के लिए कोर्ट में केस करेंगे। इस मौके पर पवन गावडिय़ा, दलीप, उमेश गुप्ता, कृष्ण शुकर मंदोई, जगदीश रत्ताखेड़ा, सुभाष रंधावा, अंकित झूंथरा, कैंडी जैन, अजीत सिंह भादू, मंगल सिंह, इकबाल, निर्मल, शेर सिंह, मुकेश, अंकित, रवि, राहुल, सुभाष, रोहित, सुशील बांसल, अंकुश, बिशंबर लाल, गोबिंद गोयल, रमेश सहित अन्य ठेकेदार मौजूद रहे।