श्री गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में वीरवार को सिख संगतों ने नगर कीर्तन निकाला। शीत लहर के बीच संगतों की ओर से जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल से पूरा शहर गूंजायमान कर दिया। लोगों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा करके नगर कीर्तन का स्वागत किया।
गुरुद्वारा श्री कलगीधर सिंह सभा में वीरवार को श्री अखंड पाठ प्रकाश हुए। अरदास के बाद नगर कीर्तन शुरू हुआ। नगर कीर्तन में अखाड़ा बाबा दीप सिंह गतका पार्टी गतके के जौहर दिखाते हुए आगे बढ़ रही थी। स्कूली बच्चे वाहेगुरु का जाप करते हुए बैंड बजा रहे थे।
सुखमणि सेवा सोसायटी की सदस्य शबद गायन करते हुए चल रही थीं। नगर कीर्तन में श्री गुरुग्रंथ साहिब फूलों से सजी पालकी में विराजमान थे। उनके आगे-आगे पंज प्यारे चल रहे थे।
जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा करके नगर कीर्तन का स्वागत किया। कई जगहों पर संगतों के लिए लंगर लगाए गए। इस मौके पर गुरुद्वारा बाबा विश्वकर्मा मंदिर प्रबंधक कमेटी के प्रधान सुखविंद्र सिंह काका, पूर्व प्रधान कुलवंत सिंह, नरेंद्र सिंह, बीएस सूर्या, बलदेव सिंह मांगेआना मौजूद थे।
शीत लहर पर भारी जोश
वीरवार को शीत लहर पर सिख संगतों का जोश भारी दिखाई दिया। संगतों ने जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल....के शब्दों से शहर डबवाली को गूंजा दिया।
नगर कीर्तन मुख्य बाजार, कॉलोनी रोड, चौटाला रोड, बठिंडा रोड, सिरसा रोड़ से होते हुए वापिस गुरुद्वारा साहिब पहुंचा। 16 जनवरी 2016 को श्री गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाशोत्सव पर गुरूद्वारा श्री कलगीधर सिंह सभा में श्री अखंड पाठ का भोग डाला जाएगा। रागी एवं ढाड़ी जत्थे कीर्तन दरबार सजाएंगे।