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पहले दिन 33 किसानों से 712 क्विंटल सरसों की हुई खरीद, दो किसानों ने नहीं बेची फसल

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टोकन कटवाने के लिए लाइन में लगे किसान। - फोटो : Sirsa
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शहर की अनाज मंडी में सरसों की खरीद शुरू हो गई है। मार्केट कमेटी सिरसा ने ट्रायल बेस पर पहले दिन कुल 50 किसानों को फोन अथवा मैसेज कर अपनी फसल मंडी में लेकर आने की सूचना दी। गेट पर किसानों को सैनिटाइज कर मास्क देकर अंदर जाने दिया गया। सिरसा मंडी में पहले दिन 36 किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय में टोकन कटवाए। लेकिन 33 किसानों के सरसों की खरीद हो सकी। हरियाण वेअर हाउस ने इन किसानों की 712 क्विंटल सरसों की खरीद की। 36 किसानों में से दो किसानों ने सरसों न बेचने की बात कही और वेअर हाउस को लिखित में दे दिया। वहीं एक किसान टोकन कटवाने के बाद आया नहीं।
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फसल खरीद की सूचना पाकर किसान सुबह सात बजे ही मंडी में पहुंचने लगे थे। अनाज मंडी में पहले ही गेट पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी तैनात कर दिए थे। मंडी प्रवेश के लिए एक ही गेट से एंट्री थी जिस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी को सैनिटाइज कर मास्क देकर ही अंदर प्रवेश करने दिया। किसान अंदर तो पहुंचे लेकिन नमी ज्यादा होने के कारण कई किसानों की सरसों की खरीद नहीं हो पाई। एजेंसियों ने किसानों की फसल लेने से इंकार कर दिया। वहीं आढ़तियों ने सरकार द्वारा मानी गई मांगों का पत्र मार्केट कमेटी से लिखित में देने के लिए कहा, लेकिन कमेटी लिखित में कोई पत्र नहीं दे पाई तो आढ़तियों ने खरीद में सहयोग करने से मना कर दिया। मंडी में आने के बाद किसानों को मार्केट कमेटी से गेट पास लेना पड़ता है। गेट पास लेने को लेकर किसान एकजुट होकर खड़े हो गए थे। इस पर जब मार्केट सचिव विकास सेतिया नीचे आए और किसानों को समझाने की कोशिश करने लगे। जिस पर किसान मार्केट से बाहर आ गए।
पहले दिन ही किसानों को होना पड़ा परेशान
मंडी में फसल लेकर पहुंचे किसानों को मंडी में प्रवेश तो मिला, लेकिन उन्हें फसल को साफ करवाने और उठान के लिए लेबर नहीं मिले। किसान पवन कुमार ने बताया कि लेबर के लिए जब आढ़तियों से बात की तो उन्होंने कहा कि लेबर अभी उपलब्ध नहीं है थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सुबह सात बजे के मंडी में आए हैं, लेकिन लेबर नहीं मिलने के कारण उन्हें इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं किसानों ने बताया कि पहले तो सरकार ने निर्देश जारी किए थे कि वह आठ क्विंटल प्रति एकड़ के अनुसार सरसों की खरीद करेगी, लेकिन जब वह मंडी में पहुंचे तो पता चला कि उनके तीन एकड़ की सरसों में से केवल आठ ही क्विंटल सरसों खरीदी जाएगी। किसान ने बताया कि इस पर सरकार तथा अधिकारी उन्हें परेशान कर रहे हैं। वह तीन एकड़ की सरसों लेकर आ गया है, पूरी खरीद न होने पर उसे अब वापस लेकर जानी पड़ेगी।
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आढ़तियों ने नहीं करवाया तौल
आढ़तियों ने प्रशासन से मांग की थी कि वह सरसों की खरीद 30 अप्रैल से कर दें। लेकिन प्रशासन ने किसी की न सुनते हुए 15 अप्रैल को ही खरीद शुरू कर दी है। किसान मंडी में तो आ गए लेकिन उनकी सरसों उतारने और तौलने के लिए कोई लेबर नहीं मिले। आढ़तियान एसोसिएशन के प्रधान हरदीप सिंह कटारिया ने बताया कि हमने सुबह तो खरीद एजेंसियों के साथ सहयोग किया। लेकिन खरीद एजेंसियों ने बिना नमी चेक किए ही ट्राली अंदर मंडी में भेज दी। जब मंडी में किसान की सरसों की नमी चेक की गई तो उसमें नमी 13 से 14 प्रतिशत थी। ऐसे में एजेंसियों ने सरसों खरीद करने से मना कर दिया। इस पर किसान, आढ़ती से नाराज हो रहे हैं। जबकि आढ़ती को सरसों की साफ सफाई करवानी है। सरकार दो साल से खुद ही सरसों की खरीद कर रही थी। शाम को मीटिंग है, अब उसके बाद ही कोई फैसला होगा।
आढ़तियों की मांगों को लिखित में सरकार से कोई आदेश आने वाला है। मौखिक मांगे मान ली। पहले दिन 50 किसानों का ट्रायल किया गया। वीरवार को सुबह और शाम को करीब 100 किसानों को बुलाया जाएगा।
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-विकास सेतिया, मार्केट सचिव, सिरसा।
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