प्रयागराज के थरवई थाना क्षेत्र के मितई गांव में टेंपो चालक महेंद्र ने शनिवार की रात अपनी पत्नी मंजू को लोहे के रॉड से पीट पीट कर मार डाला। पत्नी को मौत के घाट उतारने के बाद वह फरार हो गया। हालांकि ससुराल वालों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
बताया जाता है कि पति पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। दोनों एक दूसरे के चरित्र पर शक करते थे। मृतिका नवाबगंज क्षेत्र के सीताकुंज गांव का रहने वाली थी। उसका विवाह लगभग ग्यारह वर्ष पहले थरवई थाना क्षेत्र के मितई गांव निवासी महेन्द्र के साथ हुआ था।
पिछले कुछ सालों से महेंद्र और मंजू के बीच संबंध अच्छे नहीं चल रहे थे। शनिवार की रात भी दोनों में जमकर झगड़ा हुआ था। महेन्द्र ने मंजू को सरिया से पीटकर लहूलुहान कर दिया। घर वालों ने किसी तरह उसे पकड़ा तब तक मंजू अधमरी होकर अचेत हो गई थी। महेन्द्र के भाई दिलिप ने भोर में चार बजे मंजू के भाई लालचंद्र को सूचना दी कि मंजू छत से गिर गई है और उसकी हालत खराब है। मायके वाले भागते हुए मौके पर पहुंचे तो महेंद्र समेत अन्य ससुराल वाले फरार हो चुके थे।
मंजू की सांसें उस वक्त तक चल रही थीं। भाई लालचंद्र मंजू को लेकर अस्पताल पहुंचा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। लालचंद्र की तहरीर पर पुलिस ने पति महेन्द्र, महेन्द्र के भाई अनूप, दिलीप और दिलीप की पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
मंजू की बेटी खुशी एवं बेटा हिमांशु को रो रोकर बुरा हाल था। हैवानियत के बाद महेंद्र दोनों को घर में छोड़कर ही भाग निकला था। मायके वालों ने उसे बस से भागते हुए पकड़ लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महेंद्र को गिरफ्तार कर लिया।