विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में रंग मंच महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें सांस्कृतिक गतिविधियों में बढ़-चढ़ कर भाग लेना चाहिए।
यह बात चौधरी देवीलाल विवि के कुलपति डॉ. राधेश्याम शर्मा ने युवा महोत्सव के शुभारंभ पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही।
कुलपति ने अपने शायराना अंदाज में भाषण की शुरुआत की और कहा कि नूर बरसेगा लम्हा-लम्हा, सुरूर बरसेगा लम्हा-लम्हा, दोस्तों दिल थाम के बैठों इस युवा महोत्सव में साहित्य व संगीत रूपी बादल जरूर बरसेगा।
वीसी ने कहा कि सांस्कृतिक प्रतियोगिता में जीत हार कोई मायना नहीं रखती जीत के बाद भी सीखने को मिलता है और हार के बाद सीखने की उम्मीद होती है।
कार्यक्रम के पहले दिन की प्रस्तुतियां बेटी बचाओ और महिला सशक्तिकरण पर आधारित रहीं। इससे पूर्व कुलपति ने दीप प्रज्वलन कर रंगारंग युवा महोत्सव का विधिवत उद्घाटन किया विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना की।
बृहस्पतिवार को अनेक शिक्षण संस्थानों की टीमों ने मंच के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा का मंचन किया।
पहले दिन आयोजित किए गए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, नारी सशक्तिकरण की विचारधारा से ओतप्रोत रहे।
बहुउद्देशीय हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं का जोश देखते ही बन रहा था। युवा कल्याण निदेशालय ने युवाओं की शक्ति को सही दिशा प्रदान करने के लिए युवाओं से शपथ दिलवाई कि वे अनुशासन में रहकर कार्यक्रम का लुत्फ उठाएंगे।
मुख्य हॉल में बनी पहली स्टेज पर कोरियोग्राफी के अंदर 11 टीमों ने अपनी प्रतिभा दिखाई जबकि 9 प्रतिभागियों ने मिमिक्री में अपना हुनर दिखाया।
एकल नाटक में भी 9 टीमों ने महिला सशक्तिकरण से संबंधित संदेश देकर बुद्धिजीवियों को सोचने पर मजबूर कर दिया। इसी मंच पर दो टीमों द्वारा संस्कृत नाटक व क्लासिकल नृत्य का मंचन भी किया गया।
इस दौरान कुलसचिव प्रो. असीम मिगलानी, प्रो. सुरेश गहलावत, प्रो. विक्रम सिंह, डॉ. दीप्ति धर्माणी, डॉ. विजय तौमर, डॉ. सुमन गुलाब, डॉ. शमीम शर्मा, डॉ. रेखा शर्मा, डॉ. अपूर्वा शर्मा, डॉ. शैलेंद्र हुड्डा आदि मौजूद थे।
निर्णायक मंडल की भूमिका में डॉ. जनार्धन शर्मा, नरेंद्र, डैनी, सुखी, विमल सैनी व नीरा थे। मंच का संचालन सहायक प्रो. गीतु व अल्पना द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
इस अवसर पर डॉ. जयप्रकाश, डॉ. ईश्वर मलिक, डॉ. अमित सांगवान भी उपस्थित थे।