रानियां। गांव बालासर में सांसद सुनीता दुग्गल के जनसंवाद कार्यक्रम में नाईवाला के एक पीड़ित परिवार ने रानियां पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय दिलवाने की गुहार लगाई। पीड़ित परिवार के साथ आए रिश्तेदार दलीप ने सांसद को बताया कि सवा साल पहले गांव में हुई राजबीर की हत्या के मामले को पुलिस ने बदलकर सुसाइड का मामला बना दिया है।
पहले पुलिस ने इसे हत्या का मामला मानते हुए धारा 302 लगाई और फिर बाद में इस मामले को 306 का बना दिया। पीड़ित परिवार के सदस्यों ने सांसद को बताया कि 11 अगस्त 2022 को राजबीर को खेत में ले जाकर जबरदस्ती स्प्रे पिलाकर हत्या कर दी गई। हत्या की इस वारदात को गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा अंजाम दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए हत्या का मामला दर्ज किया। फिर मौजूदा डीएसपी ने जांच के दौरान धाराएं ही बदल दी। उन्होंने कहा कि तब से लेकर आजतक हम न्याय के लिए दर-दर भटक रहा हैं।
सांसद ने मौके पर मौजूद रानियां थाना प्रभारी से इस मामले में सफाई मांगी। थाना प्रभारी सुखदेव सिंह ने कहा कि जांच में पुलिस को ऐसा कोई सबूत नहीं मिला, जिससे की साबित हो सके कि राजबीर को जबरदस्ती स्प्रे पिलाकर उसकी हत्या की गई है। मृतक के शरीर पर चोट के कोई निशान भी नहीं थे। जबकि परिजनों का कहना है कि डाक्टर ने पोस्टमार्टम के दौरान बताया कि मृतक के शरीर पर चोट के 8 निशान है। तत्कालीन डीएसपी ने हमें आश्वासन दिया था कि आपके साथ गलत नहीं होगा और परिवार को न्याय अवश्य मिलेगा। बाद में पुलिस ने इस मामले में हत्या की जगह सुसाइड का बना दिया। इस मामले में धारा 306 के तहत कार्रवाई अमल में लाई गई है जिससे वह संतुष्ट नहीं है।
सांसद ने पीड़ित परिवार के सदस्यों से कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। इस मामले की दोबारा से जांच करवाकर सच्चाई सामने लाई जाएगी। सांसद ने मौके पर ही पुलिस अधीक्षक सिरसा को फोन लगाया कि रानियां थाने में दर्ज मुकदमा नंबर 394 की दोबारा से जांच करवाकर सच्चाई सामने लाने की बात कही। पुलिस अधीक्षक सिरसा ने आश्वासन दिया कि इस मामले की शीघ्र दोबारा से जांच करवाई जाएगी।