सिरसा। जिले में इस सीजन में अब तक डेंगू के 16 और मलेरिया के पांच मामले सामने आए हैं। राहत की बात है कि सभी मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। मच्छरों के प्रजनन पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 52 टीमें मैदान में उतारी हैं। अब तक 326 स्थानों पर लार्वा मिलने पर उसे मौके पर ही नष्ट किया गया है। विभाग ने लोगों को नोटिस जारी कर दोबारा पानी जमा न होने देने की चेतावनी दी है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं। जहां पानी जमा मिलता है या मच्छरों का लार्वा पाया जाता है, वहां एंटी-लार्वा दवा डालकर उसे नष्ट किया जा रहा है। घरों, प्लॉटों और अन्य स्थानों पर लार्वा मिलने पर संबंधित लोगों को नोटिस दिए गए हैं।
विभाग ने चेतावनी दी है कि दोबारा लार्वा मिलने पर जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, हरियाणा रोडवेज को विशेष नोटिस जारी कर वर्कशॉप और डिपो में रखे खराब टायरों में पानी जमा न होने देने के निर्देश दिए गए हैं।
अस्पतालों में विशेष डेंगू वार्ड तैयार :
बीमारियों की रोकथाम के लिए नागरिक अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में विशेष डेंगू वार्ड तैयार किए गए हैं। इन वार्डों में मरीजों को मच्छरों से बचाने के लिए मच्छरदानियों की व्यवस्था की गई है, ताकि संक्रमण फैलने की आशंका को कम किया जा सके।
विभाग का दावा- स्थिति नियंत्रण में, घबराने की जरूरत नहीं
नोडल ऑफिसर डॉ. अभिजीत गर्ग ने बताया कि जिले में डेंगू के 16 और मलेरिया के पांच पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। स्थिति नियंत्रण में है और सभी मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। उन्होंने लोगों से घरों और आसपास सफाई रखने तथा पानी जमा न होने देने की अपील की। तेज बुखार, सिरदर्द या शरीर में दर्द होने पर खुद दवा लेने के बजाय नजदीकी सरकारी अस्पताल में जांच करवाने की सलाह दी।