संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। स्थानीय लघु सचिवालय में वीरवार को शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। इससे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।सायरन बजाते हुए फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची। दमकल के कर्मचारियों ने 20 मिनट में आग पर काबू पाकर अंदर फंसे लोगों को बचाने के लिए दौड़ पड़े। टीम ने सर्च ऑपरेशन किया गया और बेहोश व मृतकों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया। एंबुलेंस भी मौके पर पहुंची और बेहोश हुए लोगों को उपचार के लिए ले जाया गया।
हालांकि यह पूरी घटना वास्तविक नहीं बल्कि एक मॉक ड्रिल थी। इस दौरान जिला प्रशासन व दमकल विभाग ने अपनी तैयारियों को परखा। इस दौरान पेट्रोल से लगी आग पर भी काबू पाने की मॉक ड्रिल की गई। इस दौरान आमजन को आभास नहीं हुआ कि आग की मॉक ड्रिल के लिए फर्जी घटना पैदा की गई है। अधिकारियों ने यहां हर चीज की टाइमिंग नोट की। कितने बजे आग की सूचना दी गई, फायर ब्रिगेड व संबंधित अधिकारी कर्मचारी कितने बजे पहुंचे, भवन में फंसे व्यक्ति के लिए किस तरह से रेस्क्यू किया गया, यहां टीम के पास क्या क्या संसाधन रहे, आदि सब की बड़ी बारीकी से जांच की गई। 20 मिनट तक यह मॉक ड्रिल चलती रही। इस अवसर पर नगराधीश पारस भगोरिया, तहसीलदार भवनेश कुमार सहित जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे।
नगराधीश पारस भगोरिया ने फायर फाइटिंग टीम से कहा कि ऐसे ही हमें ध्यान रखना है कि आग लगने की जहां से सूचना मिले, वहां कम से कम समय में पहुंचकर तेजी से रेस्क्यू करना है। जितनी तीव्र गति से आप रेस्क्यू कर पाएंगे, उतना ही आग से नुकसान बचाने में सफल होंगे। उन्होंने जवानों से कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान खुद की भी सुरक्षा को ध्यान में रखना है। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू में देखने को मिला, सभी जवानों का लक्ष्य बिल्कुल तय था और उसके मुताबिक रेस्क्यू में बेहतर सफलता प्रदर्शित हुई है। उन्होंने आमजन से भी अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की आपदा हो, उससे घबराएं नहीं। प्रशासन लोगों की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर है।