सिरसा। नगर परिषद कार्यालय में चपरासी को बंधक बनाने के मामले में आरोपी विधायक गोकुल सेतिया को न्यायालय ने दोषमुक्त करार दिया है। इस मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 28 फरवरी 2025 को शहर थाना में दर्ज एफआईआर रद्द कर दिया था। इसके बाद ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी विधायक गोकुल सेतिया को दोषमुक्त कर दिया।
ट्रायल कोर्ट के न्यायाधीश मुनीश नागर ने फैसले में कहा कि इस मामले में एफआईआर रद्द हो चुकी है। इसलिए इस मामले में आगे कोई कार्रवाई आवश्यक नहीं है। आरोपी को दोषमुक्त किया जाता है। दरअसल, विधायक गोकुल सेतिया ने अपने ऊपर शहर थाना में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में 14 जनवरी 2025 को याचिका दायर की थी।
जस्टिस त्रिभुवन दहिया ने याचिका पर सुनवाई करते हुए सिरसा ट्रायल कोर्ट को चार जानकारियां प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। 28 फरवरी को मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस त्रिभुवन दहिया ने एफआईआर को रद्द करने का फैसला सुनाया। इस मामले में पुलिस एससी/एसटी एक्ट की धारा पहले ही हटा चुकी थी।
मामले के अनुसार शहर थाना पुलिस को 11 जनवरी 2023 को नगर परिषद सिरसा के चपरासी राजेश कुमार ने शिकायत दी थी कि नगर परिषद कार्यालय में गोकुल सेतिया के साथ आए लोगों ने जबरन उसे एक कमरे में बंद करके उसके साथ मारपीट की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर गोकुल सेतिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।