देश की राजनीति के सबसे बड़े गांव चौटाला का इतिहास बदलने के लिए महिलाओं ने घूंघट का सहारा लिया। सुबह सात बजे जैसे ही मतदान शुरू हुआ तो मतदान केंद्रों पर महिलाओं की लंबी कतारें लग गई।
सिरसा के सबसे बड़े तथा वीवीआईपी गांव में पहली महिला चौधरी चुनी जानी है, सुबह से ही महिलाओं में भारी उत्साह था। घूंघट की ओट में महिलाएं दे दनादन मतदान करने के लिए पहुंच रही थीं। अति संवेदनशील गांवों की श्रेणी में शुमार इस वीवीआईपी गांव में शांतिपूर्वक मतदान हुआ।
विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने सुबह से डेरा डाल रखा था। इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला, कांग्रेस नेता डॉ. केवी सिंह तथा संजय हिटलर ने मोर्चा संभाल रखा था।
85 वर्षीय भाग सिंह अपने 62 वर्षीय बेटे जीत सिंह, 75 वर्षीय शर्बती देवी अपने बेटे पृथ्वी राज, 80 वर्षीय पन्नी देवी अपने बेटे पिरथी राज के साथ मतदान करने के लिए पहुंचे। गांव की सबसे उम्रदराज 97 वर्षीय श्यो बाई अपने पौत्र सतपाल, पौत्री संतोष तथा 80 वर्षीय रेशमा अपने पति हरी राम, बेटे सनधु तथा पुत्रवधू बिमला के साथ मतदान करने पहुंची।
80 वर्षीय बादामी देवी ने अपनी बहू गोमती के साथ मतदान किया है। करीब पौने 12 बजे इनेलो नेता अभय चौटाला अपनी मां स्नेहलता तथा चाची शकुंतला देवी के साथ मतदान करने पहुंचे।
पंचायत चुनावों को लेकर ग्रामीणों में काफी उत्साह देखा गया। ग्रामीण सुबह से ही वोट डालने के लिए पोलिंग बूथों पर पहुंच रहे थे। वोट डालने के लिए बूथों पर ग्रामीणों की लंबी लाइनें देखी गई। एक साथ चार वोटों की पोलिंग होने के कारण मतदान में समय ज्यादा लगा।
हालांकि प्रशासन द्वारा गांव कालांवाली सहित कई गांवों में पोलिंग बूथों की संख्या बढ़ाई गई थी। लेकिन इसके बावजूद सभी बूथों पर मतदान करने के लिए ग्रामीणों को काफी समय तक लाइन में लगना पड़ा।
पुलिस प्रशासन द्वारा मतदान के पहले चरण को शांतिपूर्वक संपन्न करवाने के लिए सिरसा के डीएसपी जगदीश काजला व ऐलनाबाद के डीएसपी रविंद्र सिंवर और कालांवाली के थाना प्रभारी दले राम महला के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
इस दौरान हलका कालांवाली के विधायक बलकौर सिंह भी अपने परिवार सहित गांव कालांवाली के राजकीय कन्या विद्यालय में मतदान करने पहुंचे और लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने की और बढ़ चढ़ कर मतदान करने की अपील की।
गाड़ी को लेकर विधायक से बहस
पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए सुरक्षा प्रबंधों के दौरान हलका कालांवाली के विधायक बलकौर सिंह को भी पुलिस की सख्ती का सामना करना पड़ा।
विधायक परिवार सहित राजकीय स्कूल में मतदान करने के लिए पहुंचे थे कि स्कूल के बाहर कुछ दूरी पर खड़े एक पुलिसकर्मी ने उनकी गाड़ी को रोक लिया और आगे नहीं जाने दिया। विधायक के सुरक्षाकर्मी द्वारा बताए जाने के बाद भी पुलिसकर्मी ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया और बहस करने लगा।
विधायक ने पुलिसकर्मी द्वारा किए गए व्यवहार की शिकायत पुलिस अधीक्षक सिरसा को फोन पर देते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।