सीडीएलयू में पांच प्रोफेसरों के नियुक्ति की जांच रिपोर्ट गायब है। मामले की पोल तब खुली जब हायर एजुकेशन विभाग ने सीडीएलयू से जांच रिपोर्ट की प्रति मांगी। वीसी कार्यालय में यह जांच रिपोर्ट नहीं मिली। ऐसे में अब वीसी (वाइस चांसलर) अजमेर सिंह मलिक ने तत्कालीन वीसी के निजी सचिव होरीलाल से जवाब तलब किया है। वह अब ट्रांसपोर्ट विभाग में कार्यरत हैं। रिपोर्ट गायब कैसे हुई, इसकी जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा।
सीडीएलयू में अगस्त 2013 में प्रोफेसर के दो गुटों में झगड़ा हो गया था। एक पक्ष के प्रोफेसर ने दूसरे गुट के प्रोफेसर पर मारपीट का आरोप लगाया था। इसमें एफआईआर भी दर्ज हुई थी। पीड़ित पक्ष के एक प्रोफेसर ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई जांच की मांग की थी। मामले की सीबीआई जांच भी हुई। सीबीआई जांच अधिकारी ने कोर्ट को रिपोर्ट जमा करवाई। साथ ही गवर्नर हाउस को एक सेल्फ कंटेन(अपनी तरफ से) नोट भी दिया, जिसमें कई प्रोफेसरों की नियुक्ति में धांधली की बात कही। इस सेल्फ कंटेन नोट के आधार पर तत्कालीन वीसी विजय कायत ने 15 दिसंबर 2016 को रिटायर्ड इंजीनियर रमेश चोपड़ा को जांच अधिकारी नियुक्ति किया। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में पांच प्रोफेसर की नियुक्ति को गलत बताया। इनमें से एक अनुबंधित प्रोफेसर भी है। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट तैयार करके तत्कालीन वीसी विजय कायत को सौंप दी, लेकिन अब यह रिपोर्ट वीसी कार्यालय से गायब है। जांच रिपोर्ट को लेकर हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट ने सीडीएलयू को कई बार पत्र लिखकर जांच रिपोर्ट मांगी है। हालांकि सीडीएलयू के रिकार्ड में जांच रिपोर्ट दो अप्रैल 2017 को हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट को सबमिट करवाना दिखा रहा है, परंतु हायर एजुकेशन विभाग विश्वविद्यालय को पत्र लिखकर जांच रिपोर्ट मांग रहा है।
वीसी कार्यालय ने दोबारा से रिमाइंडर भेजा
वीसी अजमेर सिंह मलिक ने अपने अधीनस्थ स्टॉफ से जांच रिपोर्ट मांगी तो रिपोर्ट नहीं मिली। वीसी कार्यालय की रिकार्ड में रिपोर्ट भेजनी तो दिखा रहा है। हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट के बार बार रिमाइंडर भेजने के बाद वीसी प्रोफेसर अजमेर सिंह मलिक ने रिपोर्ट के संबंध में अब तत्कालीन वीसी के निजी सचिव होरीलाल शर्मा से जवाब तलब किया है। तत्कालीन निजी सचिव ने रिपोर्ट के संबंध में अनभिज्ञता जाहिर की। अब वीसी कार्यालय ने दोबारा से रिमाइंडर भेजकर जवाब मांगा है।
हायर एजुकेशन विभाग ने जांच रिपोर्ट मांगी है। हमने रिपोर्ट को लेकर पुराने स्टाफ से जवाब तलब किया है। यदि रिपोर्ट कैसे गायब हुई, इसकी जांच की जाएगी। - प्रोफेसर अजमेर सिंह मलिक, वीसी, सीडीएलयू सिरसा।