केंद्रीय इस्पात मंत्री चौ. बीरेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में नौकरशाही विकास कार्यों में रुकावट डाल रही है, विधायक जनता के प्रति जवाबदेह होते हैं। जब काम नहीं होंगे तो नाराजगी स्वाभाविक है। ऐसे में नौकरशाही को अपनी सोच बदलनी होगी, साथ ही मुख्यमंत्री को विधायकों को लेकर एक एडमिनिस्ट्रेटिव रि फॉर्म कमेटी का गठन करना चाहिए, ताकि नौकरशाही पर निगरानी रखी जा सके। वहीं जाट आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने पूरी तरह चुप्पी साधते हुए इस पर बात करने से ही इनकार कर दिया।
वे शनिवार को बार एसोसिएशन सिरसा के कार्यक्रम में भाग लेने आए थे। इससे पूर्व लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल में मोदी सरकार ने देश की दशा और दिशा दोनों ही बदल दी। आर्थिक तौर पर नए आयाम स्थापित हुए हैं।
ऐसा पिछले 70 सालों में नहीं हुआ। नोटबंदी को लेकर विपक्ष ने हंगामा किया, लेकिन चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव, मुंबई कारपोरेशन चुनाव और ओडिया में हुए पंचायत चुनाव में भाजपा को मिली अपार सफलता ने साफ कर दिया कि नोटबंदी को गरीबों ने भी स्वीकार किया। गरीबों को महसूस हुआ कि सरकार की नीतियां उनके पक्ष में हैं। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के चुनाव की तो बात ही अलग है। उन्होंने कहा कि भाजपा को पता ही नहीं था कि वे (गरीब) भी वोट देंगे, पर दिल खोलकर दिया। उन्होंने कहा कि लोग कहते थे कि भाजपा शहरी लोगों की पार्टी है, लेकिन पांच राज्यों में हुए चुनाव ने साबित कर दिया कि भाजपा सभी की पार्टी है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कह कि कांग्रेस पहले जहां खड़ी थी, वो अब उससे भी नीचे चली गई है। आज कांग्रेस जूनियर पार्टनर बनकर गठबंधन कर रही है। रही ‘आप’ की बात को उसे पंजाब की जनता ने अच्छा सबक सिखा दिया है। पंजाब में मिली हार पर उन्होंने कहा कि पंजाब में लोग अकाली दल से नाराज थे और उस नाराजगी का खामियाजा हमें (भाजपा को) भी भुगतना पड़ा। उन्होंने कहा कि देश की 68 प्रतिशत आबादी गांव में रहती है, उनकी आमदनी दोगुनी हो, ऐसा ही प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं।
प्रदेश में सरकार के रवैये से भाजपा विधायकों की नाराजगी के सवाल पर उन्होंने कहा कि नौकरशाही को अपनी सोच बदलनी होगी, जनता के काम में रुकावट डालती है तो काम में देरी होने पर जनता नाराज होगी और उसकी नाराजगी विधायक पर होगी। बीरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री को सुझाव दिया है कि विधायकों को साथ लेकर एडमिनिस्ट्रेटिव रि फॉर्म कमेटी का गठन करना चाहिए, ताकि नौकरशाही पर निगरानी रखी जा सके।
इससे पूर्व उन्होंने सलामी गारद का निरीक्षण किया। हरियाणा पर्यटन निगम के चेयरमैन जगदीश चोपड़ा, हरियाणा महिला विकास निगम की चेयरमैन रेणु शर्मा, बार एसोसिएशन के प्रधान गुररत्नपाल सिंह किंगरा, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष निताशा राकेश सिहाग, शैलेंद्रा चौधरी आदि मौजूद थे।