चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में कर्मचारियों को मिली पदोन्नति की समीक्षा की जाएगी। इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। साथ ही रेगुलर हुए अनुबंधित कर्मचारियों के संबंध में लीगल राय ली जाएगी। ये फैसले मंगलवार को कार्यकारी परिषद की बैठक में पास हुए। बैठक में दस एजेंडों को पास किया गया।
सीडीएलयू की कार्यकारी परिषद की बैठक वीसी अजमेर सिंह मलिक व रजिस्ट्रार राकेेश वधवा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सीडीएलयू में दो नए मोबाइल टावर लगाने का प्रस्ताव पास किया गया। ये मोबाइल टावर एडम ब्लॉक और सीवीरमन हाउस में लगाए जाएंगे, ताकि छात्रों को इंटरनेट व वायस कॉल की बेहतर कनेक्टीविटी मिले। बैठक में बाईपास गेट के अंदर दाखिल होते ही चौधरी देवीलाल की 18 फुट ऊंची मूर्ति बनाने का प्रस्ताव पास किया गया। इस पर करीब 31 लाख रुपये की लागत आएगी। हालांकि यह तय नहीं किया गया कि ये किस धातु की बनेगी। विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद ने 2017 में विभिन्न पदों को सीनियोरिटी को मर्ज करके कर्मचारियों को पदोन्नति दी थी। तब तत्कालीन वीसी विजय कायत के पीए होरी लाल को पदोन्नति का लाभ मिला, परंतु कुछ कर्मचारियों की पदोन्नति से वंचित होना पड़ा। कर्मचारियों की पदोन्नति सही हुई या गलत, इसकी जांच के लिए एक तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। कमेटी में रिटायर्ड प्रो. आर एस यादव, ओपी आहुजा और प्रोफेसर शैलेंद्र हुड्डा को शामिल किया गया।
बैठक में 2014 में रेगुलाइज पॉलिसी के तहत कर्मचारियों को पक्का किए जाने पर सरकार से लीगल राय ली गई है। जानकारी के अनुसार 2008 में भर्ती आठ कच्चे कर्मचारियों में से पांच को रेगुलर किया गया था। इसके अतिरिक्त गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के साथ डिजिटलाइजेशन के लिए एमओयू साइन करने और पीएनबी बैंक को तीन महीने का नोटिस देकर इमारत खाली करवाने की शर्त को अनुबंध से हटा दिया गया। इसके अतिरिक्त दो एजेंडे पिछली बैठक के पास किए गए।
दस एजेंडों को पास किया गया। कर्मचारियों के पदो की सीनियोरिटी लिस्ट को मर्ज करके पदोन्नति करने के मामले की समीक्षा करने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है।
- राकेश वधवा, रजिस्ट्रार, सीडीएलयू सिरसा।