इस बार पांच से 10 सितंबर तक मिड-डे मील सप्ताह के तहत पहली से आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी। साथ में खाना पकाने वाली कुक तथा हेल्पर की हेल्थ भी जांची जाएगी। सवाल उठता है कि क्या चिकित्सकों की कमी झेल रहा स्वास्थ्य विभाग उपरोक्त के स्वास्थ्य की जांच कर पाएगा। सरकार के निर्णय के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।
खंड डबवाली में पहली से पांचवीं तक स्कूलों की संख्या 80 है। जिसमें नौ हजार 783 बच्चे पढ़ते हैं। जबकि छठीं से आठवीं तक के स्कूलों की संख्या 24 है। जिसमें सात हजार 176 बच्चे शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते हैं। कुल 104 स्कूलों में बच्चों की संख्या 16 हजार 959 है। मिड-डे मील सप्ताह के तहत सात और आठ सितंबर को इन बच्चों के स्वास्थ्य की जांच पीएचसी तथा सीएचसी स्तर पर की जाएगी।
यहीं नहीं नौ सितंबर को खाना पकाने वाली कुक तथा हेल्पर के स्वास्थ्य की जांच होगी। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग के पास व्यवस्था ही नहीं है। डबवाली क्षेत्र में पांच पीएचसी स्थित हैं। जिसमें देसूजोधा, गंगा, गोरीवाला तथा जोतांवाली में एक-एक चिकित्सक है। जबकि गांव कालूआना में चिकित्सक ही नहीं है। जिस पीएचसी में चिकित्सक है, उनकी डयूटी सीएचसी या फिर सामान्य अस्पताल सिरसा में लगा दी जाती है।
यहीं नहीं सीएचसी डबवाली में भी छह चिकित्सक हैं। उपरोक्त सभी दस चिकित्सक भी बच्चों की स्वास्थ्य जांच करें तो प्रतिदिन करीब एक हजार बच्चों की ओपीडी होगी। दो दिनों में एक चिकित्सक को दो हजार बच्चों को चेक करना होगा। जो किसी भी सूरत में मुमकिन नहीं है।
ऐसे में बच्चों की स्वास्थ्य जांच की रिपोर्ट कैसे बनेगी, यह बड़ा सवाल है? हालांकि जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने सीएमओ सिरसा को पत्र जारी करके व्यवस्था करने की मांग की है। यहां भी बड़ा सवाल जन्म लेता है कि बच्चों की स्वास्थ्य जांच अकेले डबवाली में नहीं बल्कि पूरे जिला में होनी है, जांच के लिए चिकित्सक कहां से आएंगे? नियमानुसार पूरे जिला में 130 चिकित्सक होने चाहिए, आधे से भी कम महज 55 चिकित्सक हैं।
जानकारी मिली है कि पहली से आठवीं तक के बच्चों की स्वास्थ्य जांच होनी है। अभी तक प्रारूप तैयार नहीं हुआ है। 10 चिकित्सकों के साथ-साथ राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम भी हमारे पास है। बच्चों तथा मिड-डे मील में कार्यरत कुक तथा हेल्पर की स्वास्थ्य जांच सुचारू तरीके से करने का प्रयास किया जाएगा।
-एमके भादू, एसएमओ, डबवाली