गांव दड़बी में अध्यपाक ने गुरु धर्म निभाते हुए अपनी नाबालिग शिष्या को बालिका वधु बनने से बचा लिया। गुरु द्वारा बाल संरक्षण अधिकारी को दी गई शिकायत की बदौलत परिजनों को नाबालिग बेटी की शादी रोकनी पड़ी।
जानकारी के अनुसार दड़बी स्थित विद्यायल में कक्षा दसवीं में पढ़ने वाली एक नाबालिग के घरवाले उसकी शादी करने जा रहे थे। उक्त नाबालिग को पढ़ाने वाले शिक्षक को जब इसका पता चला तो उसने अपनी शिष्या को बालिका वधु बनने से रोकने के लिए बाल संरक्षण अधिकारी को इसकी शिकायत की।
अधिकारी ने नाबालिग के परिजनों को बुलवाया और उन्हें बताया कि नाबालिग की शादी करना कानूनी अपराध है। इसके बाद परिजन बेटी के बालिग होने पर ही शादी करने की बात पर राजी हो गए।