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शक्कर मंदोरी और शाहपुरिया के बीच सेम नाला टूटने से कई एकड़ फसल जलमग्न

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निरीक्षण करते भाखड़ा वाटर सर्विस के चीफ इंजीनियर नीतीश जैन व अन्य। - फोटो : Sirsa
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चोपटा। क्षेत्र से गुजरने वाला हिसार घग्गर मल्टीपर्पज ड्रेन सेमनाला में पानी की बढ़ती मात्रा के कारण गांव शक्कर मंदोरी के पास टूटने से कई एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। इसके अलावा तरकांवाली के पास भी सेम नाले के ओवरफ्लो होने की आशंका है। ग्रामीण अपने स्तर पर ट्रैक्टर ट्रॉलियों से नाले के दोनों तरफ तट बांधने में जुट गए हैं। करीब 10 घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने अपने स्तर पर दरार को किसानों ने भरा। सूचना मिलने पर चोपटा के बीडीपीओ विवेक कुमार और नायब तहसीलदार प्रदीप कुमार भी मौके पर पहुंचे। लेकिन पानी का बहाव तेज होने के कारण सेम नाले को नहीं बांधा जा सका।
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प्रशासनिक अमला पहुंचने के बाद किसानों ने यथा स्थिति से अवगत करवाया। इस दौरान तरकांवाली में भाखड़ा वॉटर सर्विस के चीफ इंजीनियर नीतीश कुमार जैन मौके पर पहुंचे और सिंचाई विभाग से एसई आत्माराम, एक्सईएन अमित सिहाग ने मौके का जायजा लिया।
किसान दीवान चंद, धोलू राम, सुभाष चंद्र, जॉनी, सतवीर सिंह, राम सिंह, संसार चंद्र, विकास ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे सेम नाले में दरार आ गई थी। जिसको ग्रामीण व किसान अपने स्तर पर पाटने में जुट गए। लेकिन पानी के तेज बहाव के चलते दरार लगातार बढ़ती गई शाम 5 बजे तक दरार को पाटा जा सका। इस दौरान प्रशासनिक अमला व सिंचाई विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे। किसानों का कहना है कि अगर इस दरार को जल्द ही नहीं बांधा गया तो शाहपुरिया गांव में भी पानी जा सकता है । जिससे गांव में पानी घुसने से और जानमाल का नुकसान हो सकता है।
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इस बार सेम नाले में पानी क्षमता से अधिक आया है। इसकी क्षमता करीब 500 क्यूसेक पानी की है लेकिन लगातार 1 सप्ताह से हो रही बारिश के कारण इसमें क्षमता से ज्यादा पानी आया आ गया है। संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा लगातार इस पर निगरानी रखी जा रही है तथा ग्रामीणों और किसानों के सहयोग इस समस्या से काबू पाया जा सकता है।
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-नीतिश जैन चीफ इंजीनियर, भाखड़ा वाटर सर्विस।
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