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Sirsa News: काला पीलिया से व्यक्ति की मौत, जिले में दिन प्रतिदिन बढ़ रहे केस

Thu, 11 Apr 2024 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा। जिले के गांव कासमखेड़ा में एक व्यक्ति की काला पीलिया से मौत हो गई। उसे दो दिन पहले ही नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। वीरवार सुबह उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मृतक के के शव का नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले के जांच अधिकारी एचसी विनोद कुमार ने बताया कि परिजनों के अनुसार उक्त शख्स बीमार था और उपचार के दौरान उसकी मौत हुई है।
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बता दें कि काला पीलिया का प्रकोप सिरसा जिले में बढ़े स्तर पर देखने को मिल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार औद्योगिक एरिया के दूषित पानी और नशे के कारण काला पीलिया जैसी बीमारी गंभीर होती जाती है। नागरिक अस्पताल में 200 के आसपास मरीजों की ओपीडी प्रतिमाह की रहती है। ग्रसित मरीज का नियमित रूप से उपचार चल रहा है।
पुलिस के अनुसार मृतक 38 वर्षीय सतीश कुमार, गांव कासमखेड़ा का रहने वाला था। वह पिछले कई दिनों से काला पीलिया से पीड़ित था। दो दिन पहले उसकी हालत ज्यादा खराब हो गई थी। जिसके चलते परिजनों ने उसे नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया था। अस्पताल में उसका उपचार चल रहा था, लेकिन वीरवार को उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
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जिले में बढ़ने लगे हैं काला पीलिया के मरीज
चिकित्सकों के अनुसार जिले में काला पीलिया के मरीज बढ़ने लगे हैं। दो साल पहले जहां हर माह काला पीलिया पीड़ित मरीजों की नागरिक अस्पताल में ओपीडी 20 से 25 थी, उनकी संख्या अब बढ़कर हर माह 100 के करीब हो गई है। यहां पर गंभीर बात यह है कि पहले पुरुषों में काला पीलिया के लक्षण मिलते थे, लेकिन अब यह महिलाओं व युवतियों में भी बढ़ने लगा है। जिसने स्वास्थ्य विभाग को चिंतित कर दिया है। काला पीलिया फैलने का सबसे बड़ा कारण युवाओं में नशे की लत की प्रवृत्ति बताया गया है। वहीं दूसरा कारण औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाला दूषित पानी है। सिरसा क्षेत्र के कई गांवों से घग्गर नदी निकलती है। बारिश के मौसम के बाद इसमें औद्योगिक क्षेत्र का दूषित पानी आता है, जो भूमिगत जल स्तर में भी मिल रहा है।


यह है मुख्य कारण

पंजाब और राजस्थान से सटा होने के कारण जिले में नशा बड़े स्तर पर देखने को मिलता है। हेरोइन व केमिकल नशे की लत युवाओं में बढ़ रही है। युवा नशे के लिए ग्रुप में बैठकर एक ही सीरींज का प्रयोग करके नशा करते हैं, जो काला पीलिया बढ़ने का मुख्य कारण बनता जा रहा है।


ये हैं लक्षण और बचाव
पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द, भूख कम लगना, बुखार आना, त्वचा और आंखों का पीला होना, मूत्र का रंग गहरा पीला हो जाना, अत्यधिक थकान, उल्टी आना मुख्य लक्षण हैं। वहीं हेपेटाइटिस से बचाव रखने के लिए टूथब्रश किसी से शेयर न करें, टैटू बनवाते समय उपकरणों को सेनिटाइज करवाएं। असुरक्षित संभोग से दूरी बनाएं, बीमारी के लक्षण दिखें तो इलाज कराएं।


नागरिक अस्पताल में काला पीलिया के मरीजों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। 90 फीसदी मरीजों को नशे के कारण काला पीलिया होता है। युवाओं में नशे का बढ़ता सेवन और सीरींज का आपस में शेयर करना बीमारी को बढ़ा रहा है। युवतियों व महिलाओं का दुष्प्रभाव उनके गर्भावस्था के दौरान देखने को मिलता है। युवाओं को इस बीमारी से बचाने के लिए गांव-गांव, गली-गली जाकर जागरूक किया जा रहा है।
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- डाॅ. विपुल गुप्ता ,उप-सिविल सर्जन नागरिक अस्पताल सिरसा।
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