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Sirsa News: खेतों की मिट्टी जांचकर किसानों को समृद्ध बनाती हैं ममता व कविता

Sat, 14 Feb 2026 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा।गांव चक्कां की ममता रानी और कविता रानी मशीन से मिट्टी की जांच करते हुए। स्वयं
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- नारी नई राह पर: गांव चक्का की महिलाएं स्वायल टेस्टिंग मशीन से खेतों की मिट्टी की करती हैं जांच
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फोटो-
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गांव चक्कां की ममता रानी और कविता रानी ने कृषि क्षेत्र में अपनी मेहनत और कौशल से खास पहचान बनाई है। ये दोनों महिलाएं स्वायल टेस्टिंग मशीन से खेतों की मिट्टी जांचकर उनकी गुणवत्ता और पोषण तत्वों की जानकारी प्रदान करती हैं। इससे किसानों को खेतों में पानी, खाद और यूरिया की सही मात्रा निर्धारित करने में मदद मिलती है।
ममता रानी और कविता रानी हरियाणा ग्रामीण मिशन से प्रशिक्षण प्राप्त कर वीएफ और ग्रामीण सखी के रूप में सक्रिय हुईं। उनका मानना है कि तकनीकी जानकारी के सहारे किसान अपनी पैदावार बढ़ा सकते हैं और उत्पादन लागत कम कर सकते हैं।
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स्वायल टेस्टिंग मशीन के माध्यम से मिट्टी के नमूनों की जांच ऑनलाइन की जाती है। मशीन एप के जरिए चलती है। वहीं, टेस्ट की रिपोर्ट व्हाट्सएप या ईमेल के माध्यम से कंपनियों को भेज दी जाती है। बाजार में मशीन की कुल कीमत लगभग 1 लाख 55 हजार रुपये है। यह मशीन महिलाओं को 90 फीसदी सब्सिडी पर यह मशीन उपलब्ध हुई है। महिलाओं को यह मशीन मात्र 15 हजार रुपये की पड़ी है। वहीं, प्रशिक्षण भी विभाग की तरफ से निशुल्क में करवाया गया है।
कूरियर से आते हैं मिट्टी के सैंपल
पिछले एक साल में उन्होंने लगभग 100 सैंपल की जांच की है। मिट्टी के सैंपल दूर-दूर से, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और यूपी से आते हैं। मिट्टी व्यक्तिगत रूप से लाई जाती है। कंपनियां स्वयं आकर मिट्टी देकर जाती है। वहीं, कुछ कंपनियां कूरियर के माध्यम से भी मिट्टी के सैंपल भेज देती है। महिलाओं के साथ निजी कंपनियां जुड़ी हुई हैं, जो इन्हें मिट्टी के सैंपल भेजती है।
घर पर ही महिलाओं को दिया गया है प्रशिक्षण
महिलाओं को घर पर ही प्रशिक्षण दिया गया है। हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया। ममता और कविता ने बताया कि मशीन का संचालन और परीक्षण प्रशिक्षण घर आकर प्रदान किया गया था। विभाग की ओर से मुंबई की निजी कंपनी ने उन्हें प्रशिक्षण दिया और मशीन की कार्यप्रणाली समझाई।
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खाद व यूरिया की मात्रा तक बता देती है मशीन
जांच प्रक्रिया के दौरान मिट्टी का टेस्ट करके रिपोर्ट तैयार की जाती है। इसमें खेत में पानी, खाद और यूरिया की आवश्यकता स्पष्ट रूप से बताई जाती है। इससे किसान खेती की लागत कम कर बेहतर उत्पादन सुनिश्चित कर पाते हैं। ममता और कविता ने बताया कि अलग-अलग सीजन में मिट्टी के टेस्ट का चलन बढ़ जाता है। किसानों की मांग के अनुसार रिपोर्ट तैयार की जाती है।
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