संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिलेभर में मकर संक्रांति का पर्व श्रद्धा, उल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारों, मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। लोगों ने स्नान, दान-पुण्य और पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर प्रातःकाल लोगों ने पवित्र स्नान किया। कई श्रद्धालु नहरों, तालाबों और अन्य जलस्रोतों पर स्नान करने पहुंचे। मान्यता है कि इस दिन किया गया स्नान और दान विशेष फलदायी होता है। इसी परंपरा के अंतर्गत लोगों ने जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, तिल, गुड़ और धन का दान किया। दान-पुण्य के इस पर्व पर समाजसेवी संस्थाओं की ओर से भी विभिन्न सेवा कार्य किए गए।
गुरुद्वारों में शबद-कीर्तन हुए : गुरुद्वारों में शबद-कीर्तन के साथ लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में संगत ने प्रसाद ग्रहण किया। वहीं, मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, हवन और भजन-कीर्तन हुए। धार्मिक स्थलों पर दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा और वातावरण भक्तिमय बना रहा।
लोगों ने बनाए पारंपरिक भोज : मकर संक्रांति पर खिचड़ी भोज की परंपरा का विशेष महत्व है। कई स्थानों पर सामूहिक रूप से खिचड़ी भोज आयोजित किए गए, जिनमें लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। घर-घर में भी इस दिन खिचड़ी बनाई गई और परिवारजनों तथा पड़ोसियों के साथ बांटी गई। इसके अलावा, तिल और गुड़ से बने लड्डू, रेवड़ी, गजक और अन्य पारंपरिक व्यंजन तैयार किए गए। मान्यता है कि तिल-गुड़ का सेवन स्वास्थ्य लाभ देता है और आपसी संबंधों में मिठास लाता है।
बाजारों में रही रौनक : त्योहार के चलते बाजारों में भी रौनक देखने को मिली। तिल, गुड़, मूंगफली, गजक और अन्य सामग्री की दुकानों पर दिनभर खरीदारी होती रही। बच्चों और युवाओं में भी खासा उत्साह नजर आया। कई स्थानों पर पतंगबाजी भी हुई।