आढ़तियों द्वारा किसानों की उपलब्ध करवाई गई सूची अनुसार एसएमस किसानों को नहीं पहुंच रहे। इसी को लेकर बुधवार शाम को जनता भवन में आढ़तियों की बैठक हुई, जिसमें आढ़तियों ने सरकार को मार्केट कमेटी को स्थानीय स्तर पर किसानों की सूची तैयार करने और किसानों को नजदीकी मंडियों में फसल बेचने की सुविधा देने सहित अन्य मांगों को दो दिन में पूरा करने का अल्टीमेटम दिया, आढ़तियों मांगे पूरी न होने पर हड़ताल की चेतावनी दी। वहीं अध्यक्षता हरियाणा आढ़ती एसोसिएशन के प्रदेश उप प्रधान सुरेंद्र मिचनाबादी ने बताया कि सरकार ने ई-खरीद की प्रणाली को अपनाया है। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन को किसानों के लिए एक बार फिर खोल दिया है। किसान अपनी फसल बेचने के लिए पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। पंजीकरण करवाने के लिए कोई अंतिम तारीख निर्धारित नहीं की गई है। पोर्टल पर पंजीकरण आधार पर ही सरकार किसानों की फसल खरीद करेगी।
बता दें कि मार्केट कमेटी द्वारा खरीद को लेकर हो रहे बदलावों की सूचना छोटी मंडियों के आढ़तियों तक नहीं पहुंच रहे। इसी के चलते बुधवार को मल्लेकां मंडी से आढ़ती इकट्ठे होकर मार्केट सचिव से मिलने आए। उनका कहना था कि मंडी में कौन सी कंपनी खरीद करेगी इसका पता नहीं चल रहा है और न ही मंडी में बारदाना पहुंचा है। किसान मंडी में दो दिन से अपनी फसल रख कर बैठे हैं। जिसपर मार्केट सचिव ने ऑपरेटर को जानकारी लेने के लिए बुलाया तो ऑपरेटर ने लिस्ट न होने की बात कहीं। मार्केट कमेटी सचिव द्वारा खरीद करने को लेकर आढ़तियों से कहा तो आढ़ती बोले की हमें पहले बताया गया था कि डीएफसी खरीद करेगी, लेकिन जब डीएफसी से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि खरीद एजेंसी बदल दी गई है, अब हम मल्लेकां से खरीद नहीं करेंगे। खरीद एजेंसी का पता न होने के कारण बारदाने की सप्लाई मंडी में नहीं पहुंच रही।
डाटा अपडेट न होने के कारण आ रही परेशानी
बीते मंगलवार को मार्केट कमेटी की ओर से आढ़तियों को अपने अनुसार किसानों की सूची तैयार कर देने की बात कही थी। जिसके चलते आढ़तियों ने सूची तैयार कर मार्केट कमेटी को भेज दी। आढ़तियों द्वारा दी गई सूची को मेरी फसल मेरा ब्योरा पर अपडेट करने का काम शुरू किया गया। लेकिन अपडेट करने के लिए केवल दो आपरेटर ही है जिसके कारण सूची तय समय पर अपडेट नहीं हो पर रही है। ऐसे में किसानों और आढ़तियों की समस्या जैसे की तैसी बनी हुई है, वहीं शाम को आढ़तियों ने बैठक की। आढ़तियों ने कहा कि मार्केट कमेटी आढ़ती द्वारा दी गई सूची को अपडेट करती है तो वह मुख्यालय से नौ बजे अपडेट होकर संदेश आ रहा है। यह शक्तियां स्थानीय स्तर पर मार्केट कमेटी अधिकारियों को देनी चाहिए। वहीं जिस किसान का मुश्तरका खाता व जिन किसानों की मृत्यु हो गई, उनकी परिजन अब पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करवा सकते। वहीं ठेके पर जो किसान काश्त कर रहे हैं, उनके पंजीकरण हो रहे है, लेकिन जमीन मालिक के नाम पर है। ऐसे में पंजीकरण करवाए या नहीं। किसान को दूर दराज मंडियों में फसल बेचने के संदेश आ रहे हैं। आढ़तियों ने फैसला किया कि सरकार दो दिन में इसका समाधान करें।
पंजीकरण के लिए पोर्टल खुला
गेहूं की ई-खरीद के लिए बने पोर्टल मेरी फसल मेरा ब्यौरा में पंजीकरण करवाने के लिए सरकार ने पोर्टल को पंजीकरण करवाने के लिए एक बार खोल दिया है। जिन किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करवाया वह अब पंजीकरण करवा सकते हैं। सरकार द्वारा अभी तक बिना पंजीकरण किसानों की फसल खरीद के लिए कोई विकल्प नहीं रखा है।
पोर्टल पर काम चल रहा है। मुख्यालय से पोर्टल पर अपडेट जारी है।
- विकास सेतिया, मार्केट कमेटी सचिव, सिरसा।