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Sirsa News: लोहगढ़ माइनर का लिंक चैनल टूटा, 15 एकड़ नरमे की फसल में भरा पानी

Tue, 21 Jul 2026 11:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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खेतों में जाता टूटे चैनल का पानी।
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गांव सकताखेड़ा के निकट सोमवार देर रात को टूटा लिंक चैनल
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फोटो 14
संवाद न्यूज एजेंसी

डबवाली। मौजगढ़ हेड से निकलने वाले लोहगढ़ माइनर का लिंक चैनल सोमवार देर रात गांव सकताखेड़ा के निकट टूट गया। इससे करीब 15 एकड़ नरमे की फसल जलमग्न हो गई।
सूचना मिलते ही आसपास के किसान मौके पर पहुंचे और विभागीय सहायता का इंतजार करने के बजाय खुद ही मिट्टी डालकर टूटे चैनल को बंद करने में जुट गए। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते पानी पर काबू नहीं पाया जाता तो नुकसान कई गुना बढ़ सकता था।
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किसानों ने आरोप लगाया कि सूचना देने के बावजूद नहरी विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। विभाग की ओर से केवल एक बेलदार मौजूद था। किसानों का कहना है कि लोहगढ़ माइनर का लिंक चैनल को लंबे समय चैनल में बदलने की मांग लगातार कर रहे हैं लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई।

बिज्जूवाली माइनर की टेल तक नहीं पहुंच रहा सिंचाई का पानी, किसानों में रोष
किसानों ने नहरी विभाग से की स्थायी समाधान की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। गांव बिज्जूवाली में माइनर की टेल तक सिंचाई का पानी नहीं पहुंचने से किसानों में रोष है। मंगलवार को किसानों ने एकत्रित होकर नहरी विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया और समस्या का जल्द स्थायी समाधान करने की मांग की।
किसान हरीश मेहता, पूर्व सरपंच कालूराम मेहता, हरनाम चंद, जगदीश, शांति स्वरूप, ओमप्रकाश, मोनू, उदाराम, मुकेश सहित अन्य किसानों ने बताया कि माइनर की टेल पर स्थित खेतों तक पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच रहा है। इससे खरीफ सीजन की फसलें प्रभावित हो रही हैं जिससे किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है।
किसानों का कहना है कि यदि खेतों तक पानी नहीं पहुंचेगा तो फसल उत्पादन कैसे होगा और किसानों के परिवारों का पालन-पोषण कैसे होगा। किसानों ने बताया कि कागजों में भले ही माइनर में पानी छोड़ा जा रहा हो लेकिन वास्तविकता यह है कि टेल तक पहुंचते-पहुंचते पानी की धार खत्म हो जाती है।
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किसानों ने कहा कि इसके कारण खेत सूखने लगे हैं। क्षेत्र में अधिकांश ट्यूबवेल का पानी खारा होने के कारण सिंचाई के योग्य नहीं है। ऐसे में उनकी खेती पूरी तरह नहर के पानी और बारिश पर निर्भर है। यदि समय रहते पर्याप्त सिंचाई पानी उपलब्ध नहीं कराया गया तो सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो सकती है।
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