कोचिंग सेंटर संचालक की हत्या का मामला
पत्नी से अवैध संबंध होने के शक में की थी हत्या, अवैध पिस्तौल से मारी थीं पांच गोलियां
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। कोचिंग सेंटर चालक की गोली मारकर हत्या करने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश देविंदर सिंह ने दोषी रणबीर सिंह व गुरविंदर सिंह को उम्रकैद व एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि न भरने पर एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। वहीं, दोषी हरमीत सिंह को शस्त्र अधिनियम के तहत सात साल कैद की सजा सुनाई गई है।
न्यायालय ने तीनों आरोपियों को सोमवार को दोषी करार दिया था। इस मामले में ऐलनाबाद थाना पुलिस ने सात दिसंबर 2021 में प्राथमिकी दर्ज की थी। मामले के अनुसार रणबीर सिंह निवासी गांव बाहिया की शादी 29 मार्च 2020 को गांव करिवाला में हुई थी। एक साल पहले रणबीर सिंह अपनी पत्नी के साथ रिश्तेदार की शादी में गांव करिवाला गया हुआ था।
शादी समारोह में करिवाला निवासी पंजाब सिंह भी आया हुआ था। इस दौरान रणबीर सिंह को पता चला कि जब भी उसकी पत्नी मायके आती है तो पंजाब सिंह उससे मिलने आता है। इसके बाद रणबीर सिंह को शक हो गया कि उसकी पत्नी के पंजाब सिंह के साथ अवैध संबंध हैं। इसलिए उसने पंजाब सिंह को जान से मारने की ठान ली।
रणबीर सिंह ने अपने दोस्त गुरविंद्र सिंह निवासी गांव दमदमा को पंजाब सिंह की हरकतों के बारे में बताया। इसके बाद गुरविंद्र सिंह ने रणबीर सिंह को बताया कि उसके दोस्त हरमीत सिंह की उन्हें पंजाब सिंह को मारने के लिए अवैध हथियार दे सकता है। हरमीत सिंह ने 33 हजार रुपये लेकर एक पिस्तौल व 9 कारतूस रणबीर सिंह को लाकर दे दिए।
इसके बाद रणबीर सिंह व गुरविंद्र सिंह ने पंजाब सिंह को मारने की योजना बनाई और उसकी रेकी करना शुरू कर दिया। उन्हें पता चला कि पंजाब सिंह ऐलनाबाद स्थित अपने कोचिंग सेंटर से हर रोज शाम को अपने बाइक पर सवार होकर गांव जाता है।
6 दिसंबर को पंजाब सिंह बाइक पर सवार होकर अपने गांव जा रहा था तो घग्घर नदी के पास रणबीर सिंह व गुरविंद्र सिंह ने अपनी बाइक उसकी बाइक के आगे ला दी। जैसे ही पंजाब सिंह ने बाइक रोकी तो रणबीर सिंह ने पिस्तौल से पांच गोलियां उसे मार दी। इससे पंजाब सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।