- रात तक कई पेट्रोल पंपों पर तेल की सुविधा हुई बंद, प्रशासन ने पेट्रोल पंप मालिकों को प्रशासन के लिए इमरजेंसी स्टॉक रखने के आदेश किए जारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले में अभी तो घरेलू गैस के लिए लंबी कतारें देखने को मिल रही थीं। वीरवार को पेट्रोल के बढ़ते दामों की सूचना मिलने के साथ ही पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों की भीड़ लगने लगी। ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्र में पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ रही।
जिला प्रशासन के जारी किए गए आदेशों ने भी लोगों को परेशानी में डाल दिया है। प्रशासन ने आदेश जारी किए हैं कि पेट्रोल पंप संचालक किसी को बोतल या कैन या ड्रम में तेल नहीं देंगे। इसके साथ-साथ जिला प्रशासन के लिए आपातकालीन स्टॉक जरूर रखेंगे। इन आदेशों के बाद एक बार फिर लोगों के बीच लॉकडाउन जैसी चर्चा शुरू हो गई है। इसी कारण छुट्टी के दिन भी लोग पेट्रोल पंपों पर लाइनों में नजर आए।
जानकारी के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ेगी क्योंकि सरसों की कटाई का सीजन शुरू हो चुका है। गेहूं का सीजन भी एक सप्ताह में शुरू हो जाएगा। ऐसे में तेजी से डीजल की मांग बढ़ेगी।
दाम बढ़ने से किसानों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
मौजूदा समय में कटाई का सीजन चल रहा है। सरसों के बाद जल्द ही गेहूं का सीजन शुरू हो जाएगा। मंडियों में सरसों आने लगी है। इसके चलते तेल के दामों में बढ़ोतरी होने की सूरत में कटाई का पैसा बढ़ जाएगा। तूड़ी निकालने के रेट बढ़ेंगे। इसका सीधा असर किसानों पर पड़ेगा। इसके अलावा, ट्रांसपोर्ट के दामों में उछाल आएगा और कई प्रकार की चीजों के दाम बढ़ जाएंगे।
कोटस
जिला खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक हरवीर सिंह ने बताया कि जिले में घरेलू गैस, सीएनजी और पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है। आमजन को घबराने या किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि आपूर्ति पूरी तरह सामान्य रूप से जारी है।