रात को पराली पर सोए हुए लखबीर सिंह पर किया था कुल्हाड़ी व सरिये से हमला
तीन दोषियों को अक्तूबर 2025 में सुनाई जा चुकी है सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गांव संत नगर में हुए लखबीर हत्याकांड मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने चौथे आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। दोषी सफाक गांव गोनवारा पथकल्ली, जिला पूर्णिया, बिहार का रहने वाला है। वह जमानत मिलने पर 7 मई 2025 में फरार हो गया था। 19 फरवरी 2026 को उसने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। इस मामले में गौरी शंकर, राधेश्याम व उमेश कुमार को न्यायालय तीन अक्तूबर 2025 को आजीवन कारावास की सजा सुना चुका है।
मामले के अनुसार, लखबीर सिंह निवासी गांव थिराज वाला, जिला मुक्तसर, पंजाब संत नगर के रहने वाले किसान प्यारा सिंह के खेत में पराली इकट्ठा करने के लिए आया हुआ था। उसका दोस्त गुरमेज सिंह भी यहां पर काम करता था। चार दिसंबर 2019 को गुरमेज सिंह का खेत में मजदूरी करने वाले शंकर निवासी जिला पूर्णिया बिहार के साथ झगड़ा हो गया। झगड़े के दौरान गुरमेज सिंह ने शंकर को थप्पड़ मार दिया।
इसके बाद शंकर ने अपने साथी राधे श्याम निवासी गांव प्रखंड जिला बिहार, सफाक निवासी गोनवारा पथकल्ली बिहार व उमेश कुमार निवासी गोनवारा पथकल्ली बिहार के साथ मिलकर लखबीर सिंह को रात के समय जान से मारने की योजना बनाई। रात को लखबीर सिंह पराली पर बिस्तर लगा कर सोया हुआ था। इसी दौरान शंकर, राधेश्याम, सफाक व उमेश कुमार ने कुल्हाड़ी व सरिए से उसपर हमला कर उसकी हत्या कर दी।
हत्या करने के बाद चारों भाग गए। सुबह किसान प्यारा सिंह खेत में आया तो लखबीर सिंह को खून से लथपथ हालत में जमीन पर पड़ा देखा। इसके बाद उसने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर जाकर देखा तो लखबीर सिंह मृत मिला।
पुलिस ने खेत मालिक प्यारा सिंह के बयान दर्ज कर चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। वीरवार को इस मामले का निपटारा करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुनीष जिंदिया ने चौथे आरोपी सफाक को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुना दी।