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Sirsa News: नेताओं के बेटे व पत्नी को बनाया सदस्य, हाईकोर्ट में याचिका

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सिरसा। सिरसा क्लब के चुनाव 10 दिसंबर को प्रस्तावित हैं। चुनावों की घोषणा से पहली ही सचिव की ओर से 87 नए सदस्य बनाने पर विवाद खड़ा हो गया था। अहम बात यह है कि जिनको सदस्यता दी गई है, उनमें भाजपा नेताओं के बेटे और पत्नियां तक शामिल हैं। अब इस मामले में निवर्तमान उप प्रधान सीए इशु बांसल ने शुक्रवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी है। इस पर 27 नवंबर को सुनवाई होगी।
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नए सदस्यों में विधायक के करीबी भी सदस्यों में शामिल हैं। इतना ही नहीं, मौजूदा पार्षदों के पतियों तक को सदस्य बनाया गया है। इस संबंध में सिरसा क्लब की सदस्यता प्रक्रिया को ही पूर्ण नहीं किया गया। ऐसे में इन सदस्यों की सूची पर हाईकोर्ट से पहले रजिस्ट्रार गौरव शर्मा 24 नवंबर को सुनवाई करेंगे। शिकायतकर्ता इसका लंबे समय से इंतजार कर रहे थे।



तीन वर्ष का होता है कार्यकालसिरसा क्लब की कार्यकारिणी का कार्यकाल तीन वर्ष का होता है। जिला उपायुक्त सिरसा क्लब के पदेन अध्यक्ष हैं, इसलिए अध्यक्ष को छोड़कर अन्य पदों के लिए चुनाव करवाए जाते हैं। इस बार भी वरिष्ठ उपप्रधान, उपप्रधान, महासचिव, संयुक्त सचिव व कोषाध्यक्ष के चयन के लिए चुनावी कार्यक्रम घोषित किया गया है। इन चुनाव के लिए शांतिलाल सिंगला को रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया गया।
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इस प्रकार रहेगी चुनावी प्रक्रिया

क्लब के चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए 22 नवंबर तक का समय निर्धारित किया गया है, जबकि 26 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच व छंटनी होगी और इसी दिन नामांकन पत्र वापस लिए जा सकेंगे। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 30 नवंबर को उम्मीदवारों की फाइनल सूची जारी की जाएगी और 10 दिसंबर बुधवार को मतदान होगा। इसका समय सुबह 9 बजे से शाम 3 बजे तक होगा और इसके बाद वोटों की गिनती और परिणाम घोषित किया जाएगा।

प्रधान की पावर हस्ताक्षरित करने का प्रयास

निवर्तमान उप प्रधान सीए इशु बांसल ने बताया कि सचिव राजेश गोयल पहले दिन से ही सिरसा क्लब को अपने अनुरूप चलाना चाहते थे। शुरूआत में पंचायत के बाद हमने हस्तक्षेप नहीं किया। जब उन्होंने क्लब के संविधान के अनुसार डीसी जो अध्यक्ष हैं, उनकी शहर में गैर मौजूदगी पर उप प्रधान के पास उनकी पावर चली जाती है। सचिव ने इसमें संशोधन करते हुए यह पावर अपने पास हस्ताक्षरित कर ली। जब इस मामले में शिकायत की गई तो सचिव ने जवाब दिया कि उन्होंने ड्राफ्ट बनाया है। उसे पास नहीं किया गया। वहीं 87 सदस्यों को भी नियमानुसार बनाया गया है। बांसल ने कहा कि सिरसा क्लब में गलत सदस्य बनाना और संविधान के साथ छेड़छाड़ होने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाए कि उपायुक्त को सात बार शिकायत करने के बाद रजिस्ट्रार को शिकायत मार्क कर दी गई। रजिस्ट्रार की ओर से भी कोई सुनवाई नहीं की गई। इसलिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा है।

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गलत गतिविधियां के कारण बना विवादों में

पदाधिकारियों की मानें तो सिरसा क्लब में गलत गतिविधियां चल रही हैं। इनमें खुले में शराब पी जाती है। बुकी सटा लगता है और अन्य गलत गतिविधियां होती हैं। सामाजिक गतिविधियों के लिए बनाया गया क्लब अब गलत दिशा में चल रहा है। अहम बात यह है कि पार्षद प्रतिनिधि अधिकारियों के लिए कमरे बुक करवाते हैं और वहां पर शराब पी जाती है और महफिल सजती हैं।
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वर्जन :

शिकायत मेरे पास आई है। इसके आधार पर 24 नवंबर को सुनवाई की जाएगी। सुनवाई में दोनों पक्षों को सुना जाएगा। यदि कोई अनियमितताएं हैं, तो उनकी जांच होगी।

- गौरव शर्मा, रजिस्ट्रार, सिरसा क्लब।
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