पंजीकरण रद्द करने और लंबित लाभ जारी करने उपायुक्त कार्यालय पर गरजे
सोमवार को उपायुक्त से वार्ता का समय तय
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। संयुक्त निर्माण मजदूरों ने 2026-07-03 को उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने पंजीकरण रद्द किए जाने, लंबित सामाजिक सुरक्षा लाभ जारी करने और मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ विरोध जताया। मजदूरों ने सरकार और हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
सीटू जिला प्रधान नत्थू राम भारूखेड़ा, इंटक नेता कृष्ण नैन और सीटू जिला सचिव विजय ढूकड़ा ने कहा कि लाखों निर्माण मजदूर गंभीर आर्थिक संकट में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण मजदूर कल्याण बोर्ड अपने उद्देश्यों से भटक गया है। पात्र मजदूरों के पंजीकरण रद्द किए जा रहे हैं।
सीटू जिला प्रधान ने कहा कि ऑनलाइन पोर्टल पर नई शर्तें और तकनीकी अड़चनें लगाई जा रही हैं। इससे वास्तविक मजदूर पंजीकरण और योजनाओं का लाभ लेने से वंचित हो रहे हैं। आवास योजना सहित कई योजनाओं की लंबित किस्तें समय पर जारी नहीं हो रही हैं।
महंगाई और मनरेगा पर आरोप
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बढ़ती महंगाई ने मजदूर परिवारों का जीवन कठिन बना दिया है। रसोई गैस, बिजली, दवाइयों, शिक्षा और रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम बढ़ रहे हैं। रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं और मजदूरों की आय प्रभावित हो रही है। मजदूर नेताओं ने मनरेगा योजना को कमजोर करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद मजदूरों को 100 दिन का रोजगार नहीं मिल रहा है। सरकार के 125 दिन रोजगार के दावे धरातल पर नहीं दिख रहे हैं।
सोमवार को होगी वार्ता
प्रदर्शन के बाद मजदूर प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को मांग पत्र सौंपा। प्रशासन ने 2026-07-08 को उपायुक्त के साथ वार्ता का समय तय किया है। मजदूर नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि वार्ता में ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक मजदूरों के अधिकार बहाल नहीं होते और लंबित लाभ जारी नहीं होते तब तक संघर्ष जारी रहेगा।