सिरसा। हरियाणा कला परिषद, कुरुक्षेत्र के तत्वावधान में तीन दिवसीय बाल नाट्य उत्सव का समापन सोमवार को विवेकानंद स्कूल में हुआ। केएल थिएटर प्रोडक्शन, जेसीडी रंगशाला और संस्कार भारती, हरियाणा (शाखा सिरसा) ने इसका संयुक्त आयोजन किया। उत्सव के आखिरी दिन सामाजिक सरोकारों पर आधारित नाटक ‘कोखदान’ का प्रभावशाली मंचन किया गया।
नाटक ने बेटियों की शिक्षा, समान अधिकार और कन्या भ्रूण हत्या जैसे गंभीर विषयों पर दर्शकों को गहन संदेश दिया। इसका निर्देशन कुसुम कलाकृति ने किया। कलाकारों ने संवेदनशील अभिनय के माध्यम से समाज में बेटियों के प्रति भेदभाव व शिक्षा के अधिकार को दर्शाया।
नाटक का मूल संदेश था कि बेटियां बेटों से कम नहीं हैं। उन्हें समान अवसर, शिक्षा और सम्मान मिलने पर वे परिवार, समाज और राष्ट्र का गौरव बढ़ा सकती हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिक्षा विभाग हरियाणा के सेवानिवृत्त उपनिदेशक दीन दयाल वर्मा रहे। उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज में समानता और जागरूकता का सबसे प्रभावी माध्यम है। दीन दयाल वर्मा ने बेटियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निवेश बताया।