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ज्वॉनिंग के लिए नवचयनित जेबीटी ने की सिरसा से रथयात्रा शुरू

Sat, 02 Jul 2016 01:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
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जेबीटी टीचर - फोटो : Bureau
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चार वर्षों से चयनित 12137 जेबीटी अध्यापकों को नियुक्ति न दिए जाने से नाराज नवचयनित जेबीटी ने रथयात्रा शुरू की। शुक्रवार को टाउन पार्क से शुरू हुई इस रथयात्रा में उनके साथ परिजन भी थे। इस दौरान वह पैदल मार्च करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे जहां पर सीएम को संबोधित ज्ञापन नगराधीश को सौंपा। रथयात्रा प्रदेशभर में होती हुई 17 जुलाई को करनाल में जाकर संपन्न होगी। इस दौरान वहां महान्याय रैली का आयोजन भी किया जाएगा।
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चयनित जेबीटी संघर्ष समिति के आह्वान पर शुक्रवार को टाउन पार्क में बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें नवगठित कमेटी के कोर कमेटी सदस्य पानीपत से प्रोमिला, फतेहाबाद से अजयपाल, विजेंद्र गुर्जर, शिवदत्ता, कुरुक्षेत्र से मुकेश काजल आदि विशेष रूप से पहुंचे। बैठक की अध्यक्षता कमेटी सदस्य सिरसा के सुरेंद्र बैनीवाल ने की। बैठक में वर्ष 2011 तथा वर्ष 2013 के चयनित जेबीटी अध्यापक शामिल हुए।

इस दौरान चयनित अध्यापकों ने कहा कि उनका चयन हुए लगभग दो साल हो गए हैं पर कोर्ट केस के चलते  अभी तक उनकी नियुक्ति नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने एक बार 31 मार्च 2016 को फैसला सुनाते ही चयन को सही करार दिया और स्टे हटाते हुए सरकार को जल्द से जल्द चयनित अध्यापकों को नियुक्ति देने के निर्देश दिए थे, बावजूद इसके 42 दिन तक सरकार ने उन्हें नियुक्ति नहीं दी, जिसके बाद फिर से हाईकोर्ट में इससे संबंधित एक और याचिका लगाए जाने से नियुक्ति पर रोक लग गई।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अध्यापक नहीं हैं और बच्चे पढ़ाई के लिए तरस रहे हैं, लेकिन उन्हें पढ़ाने वाला कोई नहीं है। इसके बावजूद सरकार चयनित अध्यापकों को नियुक्ति देने में आनाकानी कर रही है। उन्होंने कहा कि चयनित अध्यापकों को तो अब निजी स्कूल संचालक भी नौकरी नहीं दे रहे क्योंकि उन्हें भी पता है कि यदि सत्र के बीच में ही सरकार ने नियुक्ति देना शुरू कर दिया तो वे स्कूल छोड़कर चले जाएंगे और फिर उनके स्कूल के बच्चों की पढ़ाई का नुकसान होगा।

उन्होंने बताया कि इसी के चलते इस बार के नए सैशन में प्रदेश के विभिन्न निजी स्कूलों में लगे लगभग चार हजार चयनित अध्यापकों को नौकरी से निकाल दिया है। उन्होंने कहा कि दो साल से वे लगातार भूख हड़ताल, धरने-प्रदर्शन, पैदल मार्च आदि विभिन्न तरीकों से विरोध जताकर सरकार से नियुक्ति पत्र देने की मांग कर रहे हैं, पर सरकार जानबूझकर कोर्ट का हवाला देकर उन्हें नियुक्ति नहीं दे रही।

सरकार के विरोध में अब प्रदेश भर में रथयात्रा निकालने का निर्णय लिया है, जिसकी शुरुआत शुक्रवार को सिरसा से की गई है। उन्होंने कहा कि यह रथयात्रा प्रतिदिन दो जिलों में जाएगी और 17 जुलाई को इसका समापन सीएम सिटी करनाल में महान्याय रैली के रूप में होगा, जिसमें सरकार से आर-पार की लड़ाई का फैसला किया जाएगा।

इसके बाद पंडित धर्मपाल शर्मा ने रथयात्रा की पूजा अर्चना की और कोर कमेटी के सदस्य सुरेंद्र बैनीवाल ने नारियल फोड़कर रथयात्रा को  रवाना किया। जहां से सभी चयनित जेबीटी अध्यापक लघु सचिवालय तक पैदल ही नारेबाजी करते हुए गए। उन्होंने वहां पर उपायुक्त की गैर मौजूदगी में सीटीएम बिजेंद्र सिंह को सीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपकर नियुक्ति देने की मांग की। इस मौके पर रामचंद्र, सुधीर, राममूर्ति, संदीप, दयाराम, कविता, शमशेर, प्रवीण, राधेश्याम, सत्यदेव, नेहा, आरती, मोनिका, सहित करीब 100 चयनित अध्यापक उपस्थित थे।

गांवों की पंचायतों और यूनियनों ने दिया समर्थन
चयनित जेबीटी अध्यापकों की इस रथयात्रा के समर्थन में विभिन्न गांवों के सरपंच तथा विभागों की यूनियनों के पदाधिकारी भी टाउन पार्क पहुंचे। इनमें चाहरवाला से भूप सिंह बेनीवाल, जोडकियां से देवलराज, भड़ोल्यांवाली से संजय, सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान मदनलाल खोथ, सचिव सोहन सिंह रंधावा, पूर्व प्रधान महेंद्र शर्मा, नहरी पटवार संगठन के जिला प्रधान अशोक, कृपाशंकर त्रिपाठी, जगदीश बराला आदि ने उन्हें अपना समर्थन दिया।

कार्टून पर रही सबकी नजर
पैदल यात्रा में शामिल एक चयनित जेबीटी अध्यापिका ने रथ पर दो कार्टून वाले पोस्टर चस्पा किए हुए थे जिसे पर शिक्षामंत्री और मुख्यमंत्री के स्कैच बने हुए थे। शिक्षामंत्री के फोटो पर लिखा था कि ईएम साहब मान जाओ और सीएम के फोटो के नीचे लिखा था जेबीटी को नियुक्ति दो। इसी अध्यापिका ने कई माह पूर्व प्रदर्शन के दौरान पूर्व मंत्री प्रो. गणेशी लाल को कार्टून भेंट किया था जिसमें शिक्षामंत्री पर कटाक्ष किया हुआ था और उसे देखकर पूर्व मंत्री ने मुस्कराते हुए कहा था अच्छा है।
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