आरक्षण के लिए जाटों की ओर से कि ए जा रहे आंदोलन के आग की चिंगारी प्रदेश में भड़कने लगी है। शुक्रवार को सिरसा में भी जाटों ने आंदोलन शुरू कर दिया। जाटों ने नगर में जुलूस निकालकर नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय में पहुंचकर उप मंडलाधिकारी परमजीत सिंह चहल को ज्ञापन सौंपा। जाट समाज के लोगों ने आरक्षण न मिलने तक संघर्ष जारी रखने की चेतावनी दी है। उन्होंने प्रदर्शन से पूर्व जाट धर्मशाला में बैठक की। शनिवार से आंदोलन तेज करने का फैसला लिया गया है। प्रदेश भर चल रहे जाट आंदोलन की आग शुक्रवार से सिरसा में भी शुरू हो गई है। जाट समाज के लोग जाट धर्मशाला में एकत्रित हुए। वहां से बैठक करने के बाद नारेबाजी करते हुए राजकीय नेशनल कॉलेज पहुंचे जहां से नारेबाजी करते हुए सीडीएलयू पहुंचे। सीडीएलयू में बंद का आह्वान करने के बाद लघु सचिवालय पहुंचे और एसडीएम परमजीत सिंह चहल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। उन्होंने जाटों को आरक्षण में शामिल करने की मांग की। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। जाट धर्मशाला में हुई बैठक को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष शिशपाल झोरड़ ने कहा कि जाट समाज शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक तौर पर पिछड़ा हुआ है इस लिए सरकार की जिम्मेवारी बनती है कि जाटों को आरक्षण देकर समाज की मुख्यधारा में जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि आरक्षण न मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस अवसर पर पूर्व चेयरमैन उर्मिला बिजारनियां ने कहा कि इस आंदोलन को एकजुट होकर चलाना होगा और इसमें महिलाओं को भी शामिल होना चाहिए। जाट नेता कृष्ण ढाका और जय सिंह पूनियां ने कहा कि आंदोलन के लिए जिले भर से जाटों ने सहयोग देने का आश्वासन दिया है। हम अपना हक मांग रहे हैं हम किसी के हक पर डाका नहीं डाल रहे। बैठक में जाट नेता दिनेश ढाका, विरेंद्र न्यौल, विरेंद्र सुंडा, प्रमोद जांदू, एडवोकेट विनोद बैनीवाल, राजेंद्र जोधकां, अरविंद भादू, विक्कल पचार, राकेश जाखड़, विनोद रोज, धर्मपाल भरोखां, राकेश जाखड़, राहुल ज्याणी, सुरेंद्र खिचड़, सोनू न्यौल, नवीन चाहर, निशांत हुडा आदि ने भी अपने विचार रखे। जाट धर्मशाला से लेकर लघु सचिवालय तक लोगों ने जमकर नारेबाजी की। उन्होंने जाट विधायकों और सांसदों से मांग की कि वे समाज की जायज मांग को मनवाने के लिए सरकारों पर दबाव बनाएं। आरक्षण की मांग कर रहे लोगों ने कहा कि हम शांतिपूर्वक अपने आंदोलन को जारी रखेंगे। इसके लिए जिले भर में संपर्क अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने धरने पर बैठे किसानों का समर्थन करते हुए धरना स्थल पर जाकर सरकार से मुआवजे की मांग भी की। उन्होंने कहा कि सरकार को किसान वर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए 25 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से तुरंत मुआवजा राशि जारी करनी चाहिए।
जाट धर्मशाला में बनाया कार्यालय जाट आंदोलन को लेकर जाट आंदोलनकारियों ने जाट धर्मशाला में कार्यालय स्थापित किया है। जहां पर जिले भर से सूचना आती रहेंगी और आंदोलन की आगामी रणनीति के निर्देश जारी होंगे। शीशपाल झोरड़ ने कहा कि कोई भी व्यक्ति आंदोलन से जुडना चाहता हो तो वह जाट धर्मशाला स्थित कार्यालय से आगामी रणनीति के बारे में जान सकता है। उन्होंने छात्रों से भी आह्वान किया कि वे जहां भी आंदोलन चलाएं इसकी सूचना कार्यालय में दी जाए ताकि उनकी सहायता की जा सके और आंदोलन को एक सूत्र में पिरोया जा सके।
आज कर सकते हैं रोड जाम जाट आरक्षण के लिए संघर्ष कर रहे जाट समाज के लोग शनिवार को बरनाला रोड जाम कर सकते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आज शाम को रोड जाम करने को लेकर लोगों में विचार विमर्श हुआ जिसके बाद शनिवार से रोड जाम करने पर सहमति बनी। अब शनिवार को सीडीएलयू को बंद करवाने के बाद रोड जाम करने की चर्चा चल रही है। जाट समाज के नेता व युवा वर्ग जिले भर के गांवों में संपर्क अभियान में जुट गए हैं ताकि आंदोलन को सफल बनाया जा सके।