खून से पीएम को लिखा पत्र दिखाते भूख हड़ताल पर बैठे जरनैल सिंह बराड़।
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खंड के गांव तलवाड़ा खुर्द के बस अड्डे पर कृषि कानूनों के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे एडवोकेट जरनैल सिंह बराड़ ने सोमवार को अपने खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है। अपने खून से लिखे पत्र में एडवोकेट जरनैल सिंह बराड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि तीनों कृषि कानून पूरी तरह से किसान व किसानी के खिलाफ है।
इन कानूनों से किसान एक बंधुआ मजदूर बन कर रह जाएगा और बड़े कारपोरेट घराने किसानों को अपनी अंगुलियों पर नचाएंगे। इसलिए देश के किसान के हित में यह तीनों काले कानूनों का रद्द करना चाहिए तथा एमएसपी गारंटी कानूनी पास करना चाहिए। ताकि सरकार द्वारा घोषित मूल्य से कम में किसान की फसल न बिके। गौरतलब है कि एडवोकेट व किसान जरनैल सिंह बराड़ की भूख हड़ताल सोमवार को 11वें दिन में में प्रवेश कर चुकी है और बस अड्डे पर किसानों का धरना 20वें दिन में प्रवेश कर चुका है। एडवोकेट जरनैल सिंह बराड़ ने चिंता जताते हुए कहा कि किसान आंदोलन का सबसे बड़ा असर पंजाब में दिखाई दे रहा है इसलिए अगर मामले का जल्द हल नहीं निकाला तो पंजाब में आतंकवाद फिर से सिर उठा सकता है।
एडवोकेट जरनैल सिंह बराड़ के साथ धरने पर बैठे किसान नेता भीमसेन साई ने बताया कि एडवोकेट जरनैल सिंह बराड़ रात दिन धरना स्थल पर ही गुजार रहे हैं। पिछले 11 दिनों से अन्न ग्रहण नहीं करने के कारण उनका स्वास्थ्य भी कुछ गिरने लगा है और उनका 6 किलोग्राम वजन भी कम हो गया है। मगर उपमंडल प्रशासन ने अभी तक उनकी कोई सुध नहीं ली है। उपमंडल नागरिक अस्पताल की प्रभारी चिकित्सक डॉ. हरप्रीत कौर ने कहा कि उनके पास अभी इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है और विभाग के उच्चाधिकारियों की तरफ से कोई दिशा निर्देश नहीं आए हैं। इसलिए वे मौके पर अपनी टीम भेजने में असमर्थ हैं। उन्होंने कहा कि जब भी उच्चाधिकारियों से आदेश प्राप्त होंगे वे अपनी टीम भेजकर भूख हड़ताल पर बैठे एडवोकेट जरनैल सिंह बराड़ की स्वास्थ्य जांच अवश्य करवाएंगे।