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Sirsa News: बिश्नोई धर्मशाला में जाम्भाणी हरि कथा शुरू

Sat, 29 Aug 2026 11:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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कथा सुनाते स्वामी रामाचार्य।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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डबवाली। बिश्नोई धर्मशाला में श्री गुरु जम्भेश्वर भगवान के 576वें अवतार दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित श्री जाम्भाणी हरि कथा समारोह का शुभारंभ शनिवार को भक्तिभाव के साथ हुआ।
प्रथम दिवस कथावाचक स्वामी रामाचार्य ने गुरु जम्भेश्वर भगवान के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर तिलक किया और आशीर्वाद लिया।
धर्मशाला पहुंचने पर बिश्नोई सभा डबवाली के पदाधिकारियों एवं समाज के लोगों ने स्वामी रामाचार्य का तिलक कर अभिनंदन किया। इस अवसर पर बिश्नोई सभा पदाधिकारियों ने ब्रह्मलीन स्वामी राजेंद्रानंद जी को श्रद्धापूर्वक याद कर नमन किया।
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साथ ही हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं बिश्नोई रत्न चौ. भजनलाल जी को स्मरण करते हुए कहा कि उन्हीं के प्रयासों से समाज को यह धर्मशाला उपलब्ध हुई। सभा के संस्थापक अध्यक्ष स्व. श्री बृजलाल जी खीचड़, स्व. श्री कृष्ण लाल जी जादूदा तथा बिश्नोई रत्न श्री सहीराम जी धारणिया को भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कथा के प्रथम दिन स्वामी रामाचार्य ने कहा कि श्रद्धालु अत्यंत भाग्यशाली हैं कि उन्हें गुरु जम्भेश्वर भगवान की पावन कथा सुनने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने गुरु जम्भेश्वर भगवान की वाणी दोय मन दोय दिल सुणी न कथा का भावार्थ समझाते हुए कहा कि कथा को एकाग्रचित्त होकर सुनना चाहिए।
कथावाचक ने कहा कि जब मन और चित्त एकाग्र होकर कथा में लगेंगे तभी ज्ञान की अनुभूति होगी और जीवन धन्य होगा। इस दौरान उन्होंने मेरे गुरु देव को बार-बार वंदना, हजार बार वंदना भजन भी प्रस्तुत किया।
प्रथम दिवस शहर के साथ-साथ आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और जाम्भाणी हरि कथा का रसपान किया। भोजन प्रसादी के तहत जादूदा परिवार, अबूबशहर की ओर से अपने पूर्वज स्व. चौ. रणजीत जी जादूदा की स्मृति में हलवा, खीर एवं लंगर की सेवा की गई।
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आरती के उपरांत श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। बिश्नोई सभा की ओर से गांवों से कथा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बसों की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है।
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