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आठ घंटे बिजली न मिलने पर लगाया जाम

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गांव तलवाड़ाखुर्द, नीमला, धौलपालिया, बेहरवाला, ढाणी बचन सिंह, काशी का बास व आसपास की ढाणियों के किसानों ने नलकूपों के लिए आठ घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति की मांग की। ग्रामीणों ने शनिवार को धौलपालिया स्थित 33 केवी बिजली घर दिनभर प्रदर्शन व नारेबाजी की।
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ग्रामीण दयाराम बेहरवाला, भीमसेन साईं, महेंद्र, गुरमेल सिंह, हेतराम, कृष्णलाल, लालचंद, महावीर, मांगेराम, पूर्णंराम, रामकुमार, रामप्रताप, मोहनलाल नम्बरदार, दूनीराम, विनोद कुमार आदि ने बताया कि प्रदेश सरकार ने उनके साथ वादा किया था कि यदि वे 15 जून के बाद धान फसल की बिजाई करेंगे तो उन्हें नलकूप चलाने के लिए आठ घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति की जाएगी। ग्रामीणों ने 15 जून के बाद ही धान फसल की बिजाई की लेकिन सरकार ने वादा खिलाफी करते हुए ग्रामीणों को आठ की बजाए छह घंटे ही विद्युत आपूर्ति जारी रखी। इसमें भी लगने वाले अनेक अघोषित कटों के कारण नलकूप चलाने के लिए मात्र चार घंटे ही उन्हें बिजली उपलब्ध हो रही है। इससे ग्रामीणों की खरीफ फसलें सूखकर नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई हैं तथा उनके खेतों में लगे नलकूप नकारा साबित हो रहे है।

प्रदर्शनकारी किसानों का आरोप था कि विद्युत विभाग के अधिकारी फैक्ट्री मालिकों से नजराना वसूल कर किसानों के हिस्से की बिजली फैक्ट्रियों को दे रहे हैं। नाराज ग्रामीणों ने पहले तो ऐलनाबाद-हनुमानगढ़ मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना पाकर पुलिस टीम के साथ पहुंचे एसआई छबीलदास व विद्युत विभाग के एसडीओ विकास ठकराल ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मात्र आधा घंटा बाद ही जाम तो खुलवा दिया, लेकिन सभी प्रदर्शनकारी विद्युत विभाग के धौलपालिया स्थित 33 केवी बिजली घर के मुख्य गेट पर बैठकर सरकार के विरुद्ध नारेबाजी रहे।
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एसडीओ विकास ठकराल ने प्रदर्शकारी ग्रामीणों को कहा कि नलकूप के लिए छह घंटे से ज्यादा विद्युत आपूर्ति नहीं की जा सकती। यदि एक दो रोज में बरसात आ जाती है तो ग्रामीणों को छह की बजाय आठ घंटे बिजली दी जा सकती है। बरसात से पूर्व आठ घंटे बिजली देना अंसभव है। जिस पर प्रदर्शनकारी नहीं माने तथा ग्रामीण एक ही जिद पर अड़े रहे कि जब तक विभाग के कार्यकारी अभियंता या एससी मौके पर आकर उन्हें आठ घंटे विद्युत आपूर्ति का आश्वासन नहीं देते तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। समाचार लिखे जाने तक प्रदर्शन जारी रहा और कोई विद्युत अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
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