डबवाली में जैन संतों का भव्य चातुर्मास प्रवेश, श्रद्धा और भक्ति से सराबोर हुआ शहर
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संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। जैन धर्म की अहिंसा, संयम और साधना की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मंडी डबवाली में जैन संतों के पावन चातुर्मास मंगल प्रवेश का आयोजन किया गया। एसएस जैन सभा मंडी डबवाली के तत्वावधान में श्रमण परंपरा के उपप्रवर्तक गुरुदेव सत्यप्रकाश महाराज एवं सेवाभावी गुरुदेव समर्थ मुनि महाराज (ठाणे-2) का चातुर्मास प्रवेश श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथि देवो भव की भावना के अनुरूप हुआ। राहुल जैन के परिवार की ओर से श्रद्धालुओं के लिए अल्पाहार की व्यवस्था की गई। इसके बाद विश्वकर्मा गुरुद्वारे के समीप स्थित गली से मंगल प्रवेश यात्रा प्रारंभ हुई।
शोभायात्रा में श्वेत वस्त्र धारण किए श्रद्धालु, जैन धर्म ध्वज और गुरु भक्ति से ओतप्रोत भजन आकर्षण का केंद्र रहे। यात्रा कॉलोनी रोड और गोल बाजार सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई जैन स्थानक पहुंची। रास्ते में श्रद्धालुओं और नगरवासियों ने संतों का स्वागत कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
सत्यप्रकाश महाराज ने श्रद्धालुओं से कहा कि अहिंसा, सत्य और संयम का पालन ही वास्तविक धर्म है। उन्होंने कहा मनुष्य को अपने विचार, वाणी और कर्मों में पवित्रता लाते हुए सभी जीवों के प्रति दया और करुणा का भाव रखना चाहिए।
सत्यप्रकाश ने भौतिक सुखों की अपेक्षा आत्मिक शांति और साधना के मार्ग को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। चातुर्मास काल में स्वाध्याय, तप, संयम और जीवदया के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। इसके बाद जैन परंपरा के अनुसार साधर्मिक वात्सल्य के रूप में विशाल गौतम प्रसादी का आयोजन किया गया।
एस.एस. जैन सभा के प्रधान सुभाष जैन, राजेश जैन, भूषण जैन, दीपक जैन, नरेश जैन, राजेंद्र जैन बिल्लू, विनोद जैन, रमेश जैन, राकेश जैन आदि मौजूद रहे। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, नोएडा और हिमाचल प्रदेश से अनेक श्रद्धालु भी पहुंचे।