डबवाली। खाद वितरण में अनियमितताओं और कथित कालाबाजारी को लेकर खाद की कतारों में उबाल, इफको कार्यालय तक पहुंचा किसानों का आक्रोश। बुधवार को बड़ी संख्या में किसानों और विभिन्न किसान संगठनों के नेताओं ने नई अनाज मंडी स्थित इफको कार्यालय का घेराव कर धरना दिया।
उन्होंने खाद वितरण में पारदर्शिता लाने, उपलब्ध स्टॉक की जानकारी सार्वजनिक करने और कथित कालाबाजारी की निष्पक्ष जांच की मांग की।राष्ट्रीय किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जसवीर सिंह भाटी, हरियाणा किसान एकता के प्रधान जगदीप सिंह, बीकेयू उगराहा के प्रधान भूपेंद्र सिंह, चढूनी ग्रुप के वकील सिंह व पगड़ी संभाल जट्टा के दविंदर सिंह के नेतृत्व में किसान इफको कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए।
स्टॉक की जानकारी नहीं मिलने से रोष
किसानों ने आरोप लगाया कि खाद लेने के लिए उन्हें बार-बार वितरण केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। केंद्रों पर उपलब्ध स्टॉक की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती। कई जगह स्टॉक बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं। इससे किसानों को खाद की उपलब्धता का पता नहीं चल पाता।
उन्होंने कहा कि घंटों कतार में खड़े रहने के बाद भी खाद नहीं मिलती। कई बार केंद्रों के चक्कर लगाने से आर्थिक और मानसिक परेशानी होती है। किसानों का आरोप था कि कुछ केंद्रों पर एक एकड़ जमीन के हिसाब से एक गट्टा खाद देने की बात कही जा रही है। पोर्टल पर अधिक जमीन दर्ज होने के बावजूद कई किसानों को जरूरत के अनुसार खाद नहीं मिल रही।
अधिकारियों पर भी लगाए आरोप
प्रदर्शनकारी किसानों ने खाद की कथित कालाबाजारी के साथ संबंधित विभाग के कुछ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की। सूचना मिलने पर एसडीएम डबवाली योगेश दिलहोर, कृषि विभाग के एसडीओ अमित शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने किसानों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों ने सभी खाद वितरण केंद्रों के बाहर स्टॉक बोर्ड लगाने, उसे नियमित रूप से अपडेट करने और वितरण प्रक्रिया पारदर्शी बनाने की मांग रखी।
हर केंद्र पर लगेगा स्टॉक बोर्ड
एसडीएम योगेश दिलहोर ने आश्वासन दिया कि खाद वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। कोताही या अनियमितता मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि सभी केंद्रों के बाहर स्टॉक बोर्ड लगाए जाएंगे। इन्हें नियमित रूप से अपडेट किया जाएगा। इससे किसानों को उपलब्ध खाद की जानकारी मौके पर ही मिल सकेगी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।