फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिरसा: दुर्घटना में अपना पैर गंवाने वाले किसान को बीमा कंपनी देगी छह फीसदी ब्याज सहित 9 लाख रुपये

Wed, 08 Jun 2022 11:43 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)

सार

किसान को उपभोक्ता न्यायालय से इंसाफ मिला है। कंपनी पर 25 हजार रुपये जुर्माना व कानूनी लड़ाई में खर्च 10 हजार रुपये भी देने होंगे। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : DEMO Pics
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा के सिरसा में दुर्घटना में अपनी एक टांग गवाने वाले किसान को जिला उपभोक्ता फोरम ने इंसाफ देते हुए बीमा कंपनी को 6 फीसदी ब्याज सहित 9 लाख रुपये क्लेम राशि देने के आदेश दिया है। इसके साथ ही बीमा कंपनी को 25 हजार रुपये मुआवजा और पीड़ित किसान की कानूनी लड़ाई में खर्च हुई राशि के तौर पर 10 हजार रुपये देने होंगे। तमाम राशि का भुगतान 45 दिन के भीतर करना होगा। 

विज्ञापन


मामले के अनुसार जिला के गांव धिंगतानिया निवासी बलबीर ने सिरसा इंडसइंड बैंक से 30 फरवरी 2016 को किसान क्रेडिट कार्ड बनाया था। कार्ड बनाने के साथ ही रेलिगेयर हेल्थ कंपनी की तरफ से पॉलिसी दी जा रही थी। किसान बलबीर ने नौ लाख का हेल्थ बीमा करवाया। इस बीमे में सारे रिस्क कवर थे। 25 फरवरी 2018 को बलबीर धिंगतानियां से रंगड़ी खेड़ा जा रहा था और रास्ते में हादसा हो गया।

दुर्घटना में बलबीर बुरी तरह से घायल हो गया और उसकी टांग टूट गई। उसे राहगीरों ने सिरसा के एक प्राइवेट अस्पताल में दाखिल करवाया। 26 फरवरी 2018 को चोपटा थाना पुलिस ने घायल बलबीर का बयान दर्ज कर एफआईआर दर्ज कर ली। इसके पश्चात बलबीर ने बीमा कंपनी से क्लेम राशि मांगी, लेकिन बीमा कंपनी क्लेम राशि देने में आनाकानी करने लगी।
विज्ञापन


इसके बाद किसान बलबीर ने 29 अक्टूबर 2018 को जिला उपभोक्ता फोरम का द्वार खटखटाते हुए इंसाफ की गुहार लगाई।  सात जून को इस मामले का निपटारा करते हुए जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष पदम सिंह ठाकुर ने फैसला सुनाया। फैसले में उन्होंने बीमा कंपनी को 9 लाख रुपये बीमा राशि 6 प्रतिशत ब्याज सहित पीड़ित किसान को देने का आदेश दिया। यह ब्याज राशि 29 अक्टूबर 2018 से 7 जून 2022 की अवधि के हिसाब से दी जाएगी। साथी पीड़ित किसान को जो मानसिक तनाव झेलना पड़ा उसकी पूर्ति के लिए बीमा कंपनी को 25 हजार रुपये देने होंगे।
 
लोगों का कर्जा चुकाऊंगा
पीड़ित किसान बलबीर का कहना है कि उपभोक्ता न्यायालय से उसे न्याय की उम्मीद थी, जो उसे न्यायालय ने प्रदान किया है। दुर्घटना के बाद से वह कामकाज करने में असमर्थ हो गया। जिससे उसके ऊपर काफी कर्ज चढ़ा हुआ है। बीमा क्लेम की राशि मिलने पर सारा कर्ज चुकाऊंगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें