सिरसा। पंचायत भवन के मुख्य सभागार में वीरवार को दिशा की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता सांसद कुमारी सैलजा ने की। बैठक शहर के बरसाती पानी की निकासी के प्रोजेक्ट को लेकर कार्यकारी अधिकारी अतर सिंह खनगवाल और जिला नगर आयुक्त सुरेंद्र बैनीवाल ने रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस पर कांग्रेस नेता नवीन केडिया ने सवाल उठाए।
उन्होंने सांसद से कहा कि बरसाती पानी की निकासी को लेकर कोई लेवल नहीं बनाया गया है। पंप लगाकर बरसाती पानी निकाला जाता है। अब 34 करोड़ रुपये और खर्च करने की बात कही जा रही है। हमारी मांग है कि उपायुक्त इस मामले की स्वयं जांच करें। सांसद ने उपायुक्त को इस मामले की जांच करने के निर्देश दिए।
बैठक में मौजूद विधायकों ने सफाई व्यवस्था बेहतर नहीं होने को चिंता जताई। सांसद ने बकरियांवाली कचरा प्लांट को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि बकरियांवाली प्लांट को जिले का रोल मॉडल बनाना चाहिए। आज की आधुनिक तकनीकों के आधार पर सभी मिलकर उसे बेहतर बनाएंगे। प्रदेश में भी पता चलना चाहिए कि कचरा निस्तारण प्लांट कैसे होते हैं।
जिला नगर आयुक्त सुरेंद्र बैनीवाल ने बताया कि 22 साल के लिए एजेंसी को कचरा निस्तारण का टेंडर दिया गया है। डबवाली में सारे पुराने कचरे का निस्तारण एजेंसी करेगी और जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। बकरियांवाली प्लांट में कचरा निस्तारण को लेकर तेजी से कार्य किया जाएगा।
सांसद ने कहा कि बकरियांवाली में लोगों के बुरे हालात हैं। ग्रामीणों को दूषित वातावरण में रहना पड़ रहा है। इस पर इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल चौटाला ने कटाक्ष करते हुए कहा कि सांसद जी ने अपने ही बकरियांवाली प्लांट के लिए जगह दिलाई थी, आप ही देखो हालात। सांसद ने कहा कि मैं जानती हू कि मैंने जगह दिलाई थी। लेकिन ऐसे हालात होंगे सोचा नहीं था। इस दिशा में सभी को मिलकर कार्य करना होगा।
बेसहारा पशुओं को लेकर सभी को मिलकर करना होगा काम
सिरसा के विधायक गोकुल सेतिया ने बेसहारा पशुओं की समस्या को उठाया। उन्होंने कहा कि बेसहारा पशुओं के कारण हादसे होते हैं। रानियां रोड के थेहड़ मोहल्ले क्षेत्र में बुरे हालात हैं। पशुपालकों के कारण सीवरेज सिस्टम ब्लॉक हो जाता है। डेयरियों को लेकर स्थायी समाधान की जरूरत है। बेसहारा पशुओं को गोशालाओं में भेजने को लेकर कार्य करना चाहिए। जिला नगर आयुक्त ने कहा कि अभी तक 100 गायों को पकड़ा जा चुका है और बड़े स्तर पर अभियान चलाकर इस समस्या का समाधान किया जाएगा। विधायक गोकुल सेतिया ने कहा कि आपकी बात सही है। लोग लड़ाई-झगड़ा करते हैं। जनप्रतिनिधियों को साथ मिलकर इस समस्या का समाधान करना होगा।
आंगनबाड़ी अधिकारी नहीं आने पर सांसद ने जताई चिंता
आंगनबाड़ी अधिकारी दिशा की बैठक में नहीं पहुंची। सांसद ने कहा कि यह बेहद जरूरी इश्यू है। छोटे बच्चों के भविष्य से जुड़ा है। इसमें अधिकारी का नहीं पहुंचना चिंता की बात है। विधायक आदित्य देवीलाल ने कहा कि कई आंगनबाड़ियों में शौचालय तक की सुविधा नहीं है। विधायक अर्जुन चौटाला ने कहा कि कई आंगनबाडी की लोकेशन गलत जगह पर बनी हुई है। महिलाएं भी वहां पर नहीं जा सकती, तो बच्चों का आप सोच सकते है कैसे जाते हैं। सांसद ने उपायुक्त को कहा कि इस तरह की लोकेशन को तुरंत प्रभाव से बदला जाए।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में प्रशिक्षण नहीं ले रहे सरपंच
गांवों में स्वच्छता को लेकर शुरू होने वाले प्रोजेक्टों को लेकर विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है, इसको लेकर सरपंच से लेकर ग्राम सचिव तक रूचि नहीं दिखाते हैं। सांसद ने उपायुक्त को कहा कि वह कुछ ऐसा प्लान करें कि सरपंच जरूर आएं। विधायक भी अपने सरपंचों को ट्रेनिंग के लिए प्रोत्साहित करें।
20 नवंबर तक सभी पार्क गोद दिए जाएंगे
शहर के पार्कों के हालात को लेकर विधायक गोकुल सेतिया व कांग्रेस के नेताओं ने बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए कहा। जिला नगर आयुक्त ने बताया कि एक सोसायटी 10 से 12 पार्क लेती थी। नगर परिषद 4 रुपये प्रति स्कवेयर मीटर पैसा देता है। अब इस व्यवस्था को बदल दिया गया है। 14 नवंबर तक आवेदन मांगें गए हैं। 20 तक सभी 82 पार्कों को गोद दे दिया जाएगा।
विधायक बोले- सब्जी मंडी के आस पास कचरे के लगे हैं ढ़ेर
विधायक गोकुल सेतिया ने कहा कि सब्जी मंडी के दोनों ओर कचरे के ढेर लगे हुए हैं। डंपिंग प्वाइंट कचरे से भरे रहते हैं। इन्हें हटाया जाएगा। जिला नगर आयुक्त ने कहा कि सब्जी मंडी का कचरे के निपटान की जिम्मेदारी मार्केटिंग बोर्ड की है। यदि वह निपटान नहीं करती है तो नगर परिषद को शुल्क अदा करें। हमारी पूरी कोशिश रहती है कि 12 बजे तक कचरा उठ जाए। कचरा जब तक घरों से सेग्रीगेट होकर नहीं आएगा, तब तक व्यवस्था बदल नहीं सकती है। इस पर सांसद ने कहा कि गंदगी भी वहीं लोग डाल रहे हैं। यूनियन से बात करो कि खुले में कचार न डालें।
डीएपी खाद व बीज नहीं मिलने का उठा मुद्दा, सांसद बोले- व्यवस्था करवाए
किसानों ने डीएपी व गेहूं का बीज नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया। इस दौरान कई किसानों ने कहा कि उन्हें कई-कई घंटों लाइनों में लगकर डीएपी लेनी पड़ रही है। इसके अलावा प्राइवेट के साथ-साथ सरकारी एजेंसी पर भी डीएपी खाद के साथ अन्य दवाइयां व खाद दी जा रही है। किसानों ने कहा कि उनके पास तो खाद लेने के लिए पैसे नहीं है, लेकिन उन्हें अन्य खाद लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इस पर सांसद ने कहा कि कृषि विभाग के उप निदेशक को कहा कि किसान हमारे अन्नदाता है। अन्नदाता को इस तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। डीएपी को लेकर व्यवस्था बनाए।
कैरावाली के किसान ने उठाया मुआवजा का मुद्दा
बैठक में पहुंचे कैंरावाली के किसान मांगेराम ने बताया कि उसने एचडीएफसी बैंक के माध्यम से बीमा करवाया था। उसका प्रीमियम अगस्त 2022 में कटा था, लेकिन मार्च 2023 में उसका प्रीमियम उसे वापस कर दिया। उसे उसकी खराब हुई फसल का मुआवजा नहीं मिला। किसान ने बताया कि उसे आरटीआई के माध्यम से सूचना मिली है कि बैंक कह रहा है कि उसके पास उसका प्रीमियम आया ही नहीं। इसके बाद सांसद ने उपायुक्त से जल्द किसान को मुआवजा दिलाने का आग्रह किया।
आप पूर्व बिजली मंत्री के खास रहे हैं : आदित्य
बिजली निगम के एसई आरके सबरवाल ने जिले में बिजली को लेकर करवाए गए विकास कार्यों की विस्तार से रिपोर्ट देनी शुरू की। किसानों को दिए गए मोटर कनेक्शनों और सोलर कनेक्शन उन्होंने गिनवाएं। विधायकों ने उनसे पूछा कि जिले में कई फीडरों को जोड़ा जाना था, एक साल में अभी तक जोड़ा नहीं गया है। ऐसे में एसई ने मरम्मत कार्यों पर खर्च हुए पैसे और अपग्रेडेशन की जानकारी देने लगे। विधायक आदित्य देवीलाल ने कटाक्ष करते हुए कि आप पूर्व बिजली मंत्री के खास रहे हैं। आप बातों को घुमाने के बजाय काम किया करो।