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फ्रंट लाइन वर्कर्स कहे जाने वाले स्वास्थ्य कर्मी के पास ही नहीं है सैनिटाइजर व मास्क

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कोरोना महामारी में सबसे अग्रिम पंक्ति में ड्यूटी दे रही आशा और आंगनबाड़ी वर्कर्स को सुविधाएं तो दूर की बात सुरक्षा किट तक नहीं मिल पा रही है। जिले में 953 आशा व 1027 आंगनबाड़ी वर्कर्स 71 गांवों में डोर टू डोर सर्वे में जुटी हैं। ये वो गांव है जिनमें कोरोना केस सबसे ज्यादा आए हैं। कोरोना संक्रमित होम आइसोलेशन में मरीजों को दवा वितरण करने के लिए भी इन स्वास्थ्य कर्मियों को ही तैनात किया गया है। जहां संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा है उन जगहों पर यह फ्रंट लाइन वर्कर्स बिना सुरक्षा किट के ही काम कर रही है। इन वर्कर्स को मास्क, सैनीटाइजर, दस्ताने व जांच के लिए प्रयोग होने वाले अन्य सामान की किल्लत है। वहीं स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इन कार्यकर्ताओं को गांवों में सर्वे के लिए मास्क, सैनिटाइजर, दस्ताने, प्लस ऑक्सीमीटर, थर्मल स्कैनर व थर्मामीटर उपलब्ध करवाए गए है।
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जांच के लिए सिर्फ एक प्लस ऑक्सीमीटर ही दिया : डोर टू डोर सर्वे कर रही नाम न बताने की शर्त पर आशा वर्कर्स ने बताया कि सभी कार्यकर्ता बिना कोविड सुरक्षा उपकरण के सर्वे कर रही है। जिनमें से तीन आशा वर्कर्स कोरोना पॉजिटिव भी आ चुकी हैं। उन्हें जांच के लिए सिर्फ एक प्लस ऑक्सीमीटर ही दिया गया है। सभी आशा वर्कर्स बिना मास्क, दस्ताने व सैनिटाइजर के अपनी जान जोखिम में डालकर कार्य कर रही हैं। वहीं लोगों की जांच के लिए उपयोग में लाए जाने वाले उपकरण जैसे थर्मल स्कैनर, थर्मामीटर भी उनके पास नहीं है। सिर्फ एक प्लस ऑक्सीमीटर से ही वह सभी लोगों की जांच करती हैं।
मास्क व सैनिटाइजर है तो पिछले साल वाले : बताया गया कि कुछ आशा वर्कर्स के पास अगर मास्क व सैनिटाइजर है तो पिछले साल वाले हैं या अपने खर्च से खरीदे हुए है। आशा वर्कर्स ने बताया कि विभाग द्वारा 4 मेंबर की एक टीम बनाई गई है जिसमें एक आशा वर्कर, एक आंगनबाड़ी वर्कर, एक अध्यापक व एक गांव का ग्राम सचिव या पंच का होना जरूरी है लेकिन 4 मेंबर की टीम में सिर्फ आशा वर्कर व आंगनबाड़ी वर्कर ही है जो सर्वे पर अकेली जाती है। अध्यापक व अन्य गायब है।
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मास्क, सैनिटाइजर व दस्ताने नहीं दिए गए : जिले की सभी आंगनबाड़ी वर्कर्स को आशा वर्कर्स के साथ मिलकर गांवों में सर्वे करने के लिए ड्यूटी पर लगाया गया है लेकिन विभाग द्वारा कार्यकर्ताओं को मास्क, सैनिटाइजर व दस्ताने नहीं दिए गए है। आशा वर्कर्स को दिए हो इसका पता नहीं। -शकुंतला जगलान, प्रधान, आंगनबाड़ी वर्कर्स।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा सर्वे कर रही टीमों को सैनिटाइजर, मास्क, दस्ताने, प्लस ऑक्सोमीटर, थर्मामीटर और थर्मल स्कैनर दिए जा रहे हैं। संसाधन सीमित है एरिया बहुत बड़ा है हो सकता है किसी जगह यह संसाधन न पहुंचे हो। वहीं ऑर्डर कर दिए जाएंगे। अगर किसी आशा वर्कर को किसी संसाधन की जरूरत है तो यहां से ले जा सकती है। -अनिल मलिक, जिला आशा वर्कर को-ऑर्डिनेटर, जिला स्वास्थ्य विभाग।
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