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बलिदान के साथ गहन अध्ययन, चिंतन-मनन का भी पर्याय थे भगत सिंह : डाॅ. संदीप गोयल

Sun, 29 Sep 2024 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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नेशनल कॉलेज में नाटक का मंचन करते कलाकार। कॉलेज
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। सांस्कृतिक समिति और पंजाबी विषय परिषद के सहयोग से राजकीय नेशनल महाविद्यालय में शनिवार को इंकलाब जिंदाबाद नाटक का मंचन किया गया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संदीप गोयल ने इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह में बलिदान की भावना कूट-कूट कर भरी थी। वह निरंतर अध्ययन, चिंतन-मनन के प्रति भी समर्पित थे।
उन्होंने कहा कि अल्पायु में ही भगत सिंह ने जितनी पुस्तकें पढ़ीं। विभिन्न मुद्दों पर लिखा और सैद्धांतिक एवं वैचारिक परिपक्वता ग्रहण की, यह विरले क्रांतिकारियों के हिस्से ही आता है। शहीद भगत सिंह के व्यक्तित्व से हमें सदैव प्रेरणा लेनी चाहिए।
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लोक रंगकर्मी गुरशरण सिंह की पुण्यतिथि और शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती को समर्पित इस कार्यक्रम में उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला की ओर से वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी रविंद्र शर्मा और प्रख्यात रंगकर्मी एवं वरच्युस क्लब इंडिया के वरिष्ठ सदस्य संजीव शाद विशिष्ट अतिथि रहे। सांस्कृतिक समिति के प्रभारी डाॅ. स्मृति कंबोज, पंजाबी विषय परिषद के प्रभारी डाॅ. हरविंदर कौर एवं डाॅ. लखवीर सिंह के संयोजन में हुए इस आयोजन की अध्यक्षता प्राचार्य डाॅ. गोयल ने की।
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दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, पुणे के फिल्म और टीवी संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त मास्टर ऑफ थिएटर सुविख्यात रंगकर्मी एवं नाट्य निर्देशक कर्ण लढा के निर्देशन में केएल थिएटर प्रोडक्शन के रंगकर्मियों ने शहीद भगत सिंह के जीवन वृत्तांत पर आधारित नाटक इंकलाब जिंदाबाद का मंचन किया। इसके माध्यम से लोगों को शहीद भगत सिंह को अपने आदर्श नायक के तौर पर स्वीकार करने की प्रेरणा प्रदान की गई।
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